Edited By jyoti choudhary,Updated: 17 Sep, 2026 06:14 PM

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बृहस्पतिवार को देश के कपड़ा और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के मकसद से मुख्य कपास उत्पादक राज्यों में 21 प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए 38.72 करोड़ रुपए के परियोजना की घोषणा की। आधिकारिक बयान के
मुंबईः भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बृहस्पतिवार को देश के कपड़ा और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के मकसद से मुख्य कपास उत्पादक राज्यों में 21 प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए 38.72 करोड़ रुपए के परियोजना की घोषणा की। आधिकारिक बयान के अनुसार, बीआईएस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय केंद्रों में अधिक सटीक परीक्षण सुविधाएं स्थापित करने के लिए सीधी वित्तीय सहायता दे रहा है। ये प्रयोगशाला भौगोलिक रूप से उत्तरी, मध्य, दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्र में फैली हुई हैं।
इसमें पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा जैसे प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्र शामिल हैं। बयान में कहा गया, ''बीआईएस ने इस साल काफी प्रगति की है, जिसके परिणामस्वरूप 13 प्रयोगशाला (जिनमें कपड़ा समिति की 11 और भारतीय कपास निगम की 2 प्रयोगशाला शामिल हैं) में 14 'एचवीआई टेस्टर' और 28 'ट्रैश एनालाइजर' लगाए और चालू किए गए हैं।''
तकनीकी रूप से उन्नत इस परीक्षण नेटवर्क को स्थापित करके, बीआईएस का लक्ष्य कपास-से-कपड़ा आपूर्ति श्रृंखला में मानक गुणवत्ता पैमाना सुनिश्चित करना है। बयान के अनुसार यह पहल सीधे तौर पर अहम बुनियादी ढांचा की कमियों को दूर करती है, स्थानीय उत्पादकों को सशक्त बनाती है और भारतीय कपास को लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थिति में लाती है।