Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Jul, 2026 12:00 PM

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 96.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 675.15 अरब डॉलर पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 7.26 अरब डॉलर बढ़कर 674.19 अरब डॉलर पर पहुंच...
मुंबईः देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 96.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 675.15 अरब डॉलर पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 7.26 अरब डॉलर बढ़कर 674.19 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
हालांकि, संघर्ष के कारण रुपए पर दबाव बढ़ा और रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद कई सप्ताह तक विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 93 करोड़ डॉलर बढ़कर 546.51 अरब डॉलर हो गई।
डॉलर के संदर्भ में दर्शाई जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी गई यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में होने वाली बढ़ोतरी या गिरावट का प्रभाव भी शामिल होता है। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 105.22 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 30 लाख डॉलर बढ़कर 18.63 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित कोष भी 70 लाख डॉलर बढ़कर 4.79 अरब डॉलर हो गया।