Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Mar, 2026 12:27 PM

नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। Income Tax Department अब क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर पहले से ज्यादा सख्ती से नजर रखेगा। इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड अब सिर्फ पेमेंट का साधन नहीं, बल्कि टैक्स...
बिजनेस डेस्कः नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। Income Tax Department अब क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर पहले से ज्यादा सख्ती से नजर रखेगा। इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड अब सिर्फ पेमेंट का साधन नहीं, बल्कि टैक्स प्रोफाइल का अहम हिस्सा बन जाएगा।
देश में 11 करोड़ से ज्यादा लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और हर महीने 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का लेन-देन होता है, ऐसे में इन नए नियमों का असर बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा।
10 लाख से ज्यादा खर्च पर रिपोर्टिंग
नए नियमों के तहत अगर कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपए या उससे ज्यादा का क्रेडिट कार्ड खर्च करता है, तो बैंक इसकी जानकारी टैक्स विभाग को दी जा सकती है। विदेश में किए गए बड़े खर्च और 1 लाख रुपए या उससे ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर भी खास नजर रहेगी। अगर आपका खर्च आपकी घोषित आय से ज्यादा पाया गया, तो नोटिस मिल सकता है।
पैन से लिंक करना अनिवार्य
- 1 अप्रैल 2026 के बाद बिना PAN Card के नया क्रेडिट कार्ड जारी नहीं होगा।
- पुराने कार्डधारकों को भी अपने क्रेडिट कार्ड को पैन से लिंक कराना अनिवार्य होगा।
- इससे आपकी फाइनेंशियल एक्टिविटी और टैक्स रिकॉर्ड सीधे जुड़ जाएंगे।
पैन से क्रेडिट कार्ड लिंक करना अनिवार्य
दूसरा बड़ा बदलाव पैन और क्रेडिट कार्ड को लिंक करने से जुड़ा है। 1 अप्रैल 2026 के बाद बिना PAN Card के नया क्रेडिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। पुराने कार्डधारकों को भी अपने क्रेडिट कार्ड को पैन से लिंक कराना अनिवार्य होगा। इससे सभी वित्तीय लेन-देन सीधे टैक्स रिकॉर्ड से जुड़ जाएंगे।
इसके अलावा, अगर क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट तीन महीने से ज्यादा पुराना नहीं है तो उसे पैन कार्ड बनवाते समय पता प्रमाण (एड्रेस प्रूफ) के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्रेडिट कार्ड से टैक्स भुगतान संभव
अब करदाता क्रेडिट कार्ड के जरिए भी इनकम टैक्स का ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे। हालांकि, इस सुविधा पर बैंक प्रोसेसिंग शुल्क ले सकते हैं और समय पर भुगतान न करने पर ब्याज भी देना होगा।
कंपनी कार्ड पर सख्त नियम
- कंपनी द्वारा दिए गए क्रेडिट कार्ड पर किए गए पर्सनल खर्च को टैक्स योग्य माना जा सकता है।
- ऑफिशियल खर्च पर टैक्स नहीं लगेगा लेकिन इसके लिए सही दस्तावेज रखना जरूरी होगा।
क्या है मकसद?
इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है। ईमानदार टैक्सपेयर्स को इससे कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन गलत जानकारी देने वालों पर सख्ती बढ़ेगी।