Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 May, 2026 01:37 PM

डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। इसी को देखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों, खासकर YONO ऐप यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। बैंक ने चेतावनी दी है कि स्कैमर्स लगातार...
Banking News: डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। इसी को देखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों, खासकर YONO ऐप यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। बैंक ने चेतावनी दी है कि स्कैमर्स लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं और छोटी-सी लापरवाही से बैंक खाता खाली हो सकता है।
YONO के नाम पर फर्जी लिंक से धोखाधड़ी
इन दिनों सोशल मीडिया और सर्च इंजन पर “YONO SBI” के नाम से फर्जी पेज और स्पॉन्सर्ड विज्ञापन तेजी से फैल रहे हैं। इनमें “यूजरनेम या पासवर्ड भूल गए?” जैसे संदेश देकर एक लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि ऐसे लिंक पूरी तरह फर्जी होते हैं और इनसे यूजर्स की बैंकिंग जानकारी चोरी की जा सकती है। ग्राहकों को केवल आधिकारिक YONO SBI ऐप या बैंक की वेबसाइट का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
बैंक अधिकारी बनकर भी हो रही ठगी
एसबीआई के अनुसार, कई साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर फोन, SMS या ईमेल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। वे KYC अपडेट, अकाउंट ब्लॉक होने या रिवॉर्ड पॉइंट्स के नाम पर OTP, PIN या पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी मांगते हैं। बैंक ने साफ किया है कि कोई भी आधिकारिक कर्मचारी कभी भी इस तरह की जानकारी नहीं मांगता।
संदिग्ध कॉल और हेल्पलाइन जानकारी
बैंक ने यह भी बताया है कि आधिकारिक कॉल आमतौर पर 1600 से शुरू होने वाले नंबरों से किए जाते हैं। इसके अलावा किसी अन्य नंबर से आने वाली कॉल को संदिग्ध माना जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत नेशनल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। साथ ही ऑनलाइन शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
सतर्कता ही सुरक्षा
डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के बीच बैंक ने दोहराया है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। OTP, PIN और पासवर्ड जैसी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। थोड़ी सी सतर्कता अपनाकर बड़े वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता है।