बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों के लिए जल्द एकीकृत पोर्टल लाने की तैयारी: वित्त मंत्रालय

Edited By Updated: 27 Nov, 2025 06:27 PM

finance ministry to soon launch unified portal for unclaimed financial assets

वित्त मंत्रालय बैंक जमा, पेंशन, शेयर, लाभांश और अन्य वित्तीय साधनों में फंसी बिना दावे वाली संपत्तियों के लिए दावा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ मिलकर एक एकीकृत पोर्टल लाने की प्रक्रिया में है।

बिजनेस डेस्कः वित्त मंत्रालय बैंक जमा, पेंशन, शेयर, लाभांश और अन्य वित्तीय साधनों में फंसी बिना दावे वाली संपत्तियों के लिए दावा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ मिलकर एक एकीकृत पोर्टल लाने की प्रक्रिया में है।

वित्तीय सेवाओं के सचिव एन. नागराजू ने बृहस्पतिवार को पंजाब नेशनल बैंक के एक निवेशक जागरूकता कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पेश किए जाने वाले इस पोर्टल के जरिये सभी नियामकों के डेटा को आरबीआई द्वारा समन्वित किया जाएगा। वर्तमान में बिना दावे वाली संपत्तियों के लिए आरबीआई ने 'उद्गम' पोर्टल जबकि सेबी ने 'मित्र' और बीमा नियामक इरडा ने 'बीमा भरोसा' पोर्टल जारी किए हैं। इस बारे में एक एकीकृत पोर्टल बन जाने से नागरिकों को उनके फंसे हुए धन का पता लगाने और दावा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी। बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों में ऐसे बीमा पॉलिसी दावे, बैंक जमा, लाभांश, शेयर और म्यूचुअल फंड आते हैं, जिन्हें अक्सर जागरूकता की कमी या पुराने खाते विवरण के कारण दावा नहीं किया जाता है। 

नागराजू ने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण बड़े पैमाने पर संपत्तियां खातों में निष्क्रिय पड़ी रहती हैं। सरकार वित्तीय समावेशन और वित्तीय शिक्षा को बढ़ावा देते हुए नागरिकों को उनके सही बचत के दावे करने में सहायता कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चार अक्टूबर को तीन महीने तक चलने वाले राष्ट्रीय जागरूकता अभियान 'आपकी पूंजी, आपका अधिकार' की शुरुआत की थी। यह अभियान वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग, आरबीआई, इरडा, सेबी और निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) के समन्वय में चलाया जा रहा है। 

नागराजू ने कहा कि अब तक अभियान और शिविरों के जरिये 1,887 करोड़ रुपए की राशि उनके वास्तविक मालिकों या नामित व्यक्तियों को लौटाई जा चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डिजिटल पहुंच और शिविरों की संख्या बढ़ने के साथ दावा निपटान की गति और तेज होगी। जागरूकता अभियान के दौरान नागरिकों को कदम-कदम पर मार्गदर्शन और डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!