Edited By Rohini Oberoi,Updated: 01 May, 2026 01:31 PM

नेपाल के नवनियुक्त और सबसे युवा प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए भारत आ सकते हैं। काठमांडू में सरकार ने इस ऐतिहासिक दौरे का होमवर्क शुरू कर दिया है। यह यात्रा न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि यह...
Nepal PM Balen Shah India Visit : नेपाल के नवनियुक्त और सबसे युवा प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए भारत आ सकते हैं। काठमांडू में सरकार ने इस ऐतिहासिक दौरे का होमवर्क शुरू कर दिया है। यह यात्रा न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि यह बालेन सरकार की पड़ोसी पहले की प्राथमिकता को भी दर्शाती है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार इस दौरे को अंतिम रूप देने के लिए तीन चरणों में बातचीत होगी। मई के दूसरे हफ्ते में काठमांडू में दोनों देशों के विदेश सचिवों की मुलाकात होगी। इसके तुरंत बाद नई दिल्ली में विदेश मंत्रियों के बीच एजेंडा फाइनल किया जाएगा। इन बैठकों के बाद ही प्रधानमंत्री बालेन शाह की यात्रा की तारीखों का आधिकारिक ऐलान होगा।
PM Modi का न्योता और जयशंकर से मुलाकात
नेपाल के विदेश मंत्री खनाल ने पुष्टि की है कि बालेन शाह ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। करीब तीन हफ्ते पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई मुलाकात में इस दौरे की नींव रखी गई थी। खनाल ने यह भी कहा कि भारत-नेपाल के बीच लगभग 40 द्विपक्षीय तंत्र (Mechanisms) हैं जिनमें से कई फिलहाल निष्क्रिय हैं, इस यात्रा से उन्हें पुनर्जीवित करने की उम्मीद है। नेपाल की राजनीति में यह परंपरा रही है कि नए प्रधानमंत्री अपना पहला विदेश दौरा भारत से शुरू करते हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इसमें अपवाद भी देखे गए। बता दें कि 2008 में तत्कालीन पीएम पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' ने परंपरा तोड़ते हुए पहली यात्रा बीजिंग (चीन) की थी।
वहीं 2024 में केपी शर्मा ओली ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए थाईलैंड को चुना था। जिसके बाद 2026 में अब 35 वर्षीय बालेन शाह फिर से भारत को प्राथमिकता देकर रिश्तों में नई गर्माहट लाने का संकेत दे रहे हैं।
बालेन शाह: रैपर से प्रधानमंत्री तक का सफर
काठमांडू के मेयर रह चुके बालेन शाह ने मार्च 2026 में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की भारी जीत के बाद नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके सख्त रुख और प्रशासनिक सुधारों ने उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।