Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Feb, 2026 03:03 PM

केंद्र सरकार ने बजट 2026 में विदेश यात्रा और विदेशी शिक्षा की योजना बना रहे मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दरों में भारी कटौती का ऐलान किया है।...
बिजनेस डेस्कः केंद्र सरकार ने बजट 2026 में विदेश यात्रा और विदेशी शिक्षा की योजना बना रहे मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दरों में भारी कटौती का ऐलान किया है। अब ओवरसीज टूर पैकेज बुक करने पर पहले लगने वाला 5 से 20 प्रतिशत तक का टीसीएस घटाकर सीधे 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस फैसले से विदेश घूमने की योजना बना रहे लोगों को बुकिंग के समय कम टैक्स देना होगा, जिससे उनकी नकदी पर दबाव कम पड़ेगा और टूर पैकेज पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती हो जाएंगे।
टूर पैकेज पर टीसीएस घटने से यात्रियों को राहत
अब तक विदेशी टूर पैकेज पर ऊंचे टीसीएस की वजह से यात्रियों की बड़ी रकम बुकिंग के समय ही कट जाती थी, जिसे बाद में रिफंड के जरिए वापस लेना पड़ता था। इससे लोगों की वर्किंग कैपिटल लंबे समय तक फंसी रहती थी। टीसीएस को 2 प्रतिशत तक घटाने से अब यात्रियों को नकदी बचाने में मदद मिलेगी और यात्रा का कुल बजट संतुलित रहेगा। इस फैसले से आउटबाउंड टूरिज्म इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विदेशी शिक्षा के लिए रेमिटेंस पर टैक्स बोझ कम
सरकार ने विदेशी शिक्षा को लेकर भी राहत भरा कदम उठाया है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा के उद्देश्य से विदेश भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाले टीडीएस (TDS) में कटौती की घोषणा की गई है। इससे उन छात्रों और अभिभावकों को सीधा लाभ मिलेगा, जो यूनिवर्सिटी फीस और रहने के खर्च के लिए भारत से बड़ी रकम विदेश भेजते हैं।
टैक्स में इस राहत से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने बच्चों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिलाना अब पहले के मुकाबले आसान और कम खर्चीला हो जाएगा। यह फैसला खासतौर पर आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अहम माना जा रहा है।