Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Feb, 2026 12:15 PM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में देश की वित्तीय सेहत और आम आदमी की जेब, दोनों का खास ख्याल रखा है। एक ओर जहां सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कम कर अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल और ट्रैवल...
नेशनल डेस्क: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में देश की वित्तीय सेहत और आम आदमी की जेब, दोनों का खास ख्याल रखा है। एक ओर जहां सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कम कर अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल और ट्रैवल जैसे खर्चों पर टैक्स का बोझ घटाकर मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है।
1. वित्तीय घाटा: 4.3% का लक्ष्य (अनुशासन की राह)
सरकार ने चालू वित्त वर्ष (FY26) के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.4% रखा था, जिसे अब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए और घटाकर 4.3% करने का अनुमान जताया है।
2. TCS में कटौती: विदेश घूमना और इलाज हुआ सस्ता
विदेश जाने वाले पर्यटकों और बाहर इलाज कराने वालों के लिए यह बजट बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। सरकार ने TCS (Tax Collected at Source) की दरों में भारी कटौती की है:
-
विदेश यात्रा (Travel LRS): पहले विदेश यात्रा के खर्च पर 5% से 20% तक भारी TCS देना पड़ता था। अब इसे सरल बनाकर केवल 2% फ्लैट कर दिया गया है।
-
मेडिकल खर्च: विदेश में इलाज कराने पर लगने वाले 5% TCS को भी घटाकर अब 2% कर दिया गया है। इससे मेडिकल इमरजेंसी के समय वित्तीय बोझ कम होगा।
3. मोटर इंश्योरेंस: अब TDS से मुक्ति
वाहन मालिकों के लिए सरकार ने एक बड़ी उलझन खत्म कर दी है। अब मोटर इंश्योरेंस (Motor Insurance) पर लगने वाले TDS को पूरी तरह हटा दिया गया है। यानी अब इंश्योरेंस क्लेम या प्रीमियम से जुड़े कुछ ट्रांजेक्शन 'कर मुक्त' होंगे, जिससे कागजी कार्रवाई और टैक्स की जटिलता कम होगी।