Edited By Rohini Oberoi,Updated: 02 Feb, 2026 10:49 AM

उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी और एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में ठंड और बारिश का डबल अटैक शुरू हो गया...
Heavy Rain Alert : उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी और एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में ठंड और बारिश का डबल अटैक शुरू हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने 1 से 4 फरवरी के बीच कई राज्यों में झमाझम बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
उत्तर प्रदेश: बिजली कड़कने के साथ वज्रपात का खतरा
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी यूपी से लेकर बुंदेलखंड तक अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहेगा।
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इन जिलों में अलर्ट: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत और बुलंदशहर में तेज बारिश की संभावना है।
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बुंदेलखंड और अन्य इलाके: आगरा, मथुरा, अलीगढ़, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और जालौन में भी मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है।
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ठंडी हवाएं: बारिश के साथ चलने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी जिससे कनकनी बढ़ सकती है।

दिल्ली-NCR: आंधी और धूल भरी हवाएं
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में भी पश्चिमी विक्षोभ का कड़ा असर दिखेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। दिल्ली-NCR में 2 फरवरी तक रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं जिससे वायु प्रदूषण में कमी आ सकती है लेकिन ठंड बढ़ जाएगी।

उत्तराखंड: पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी
उत्तराखंड में अगले 4 दिनों तक मौसम की आंख-मिचौली जारी रहेगी। नए विक्षोभ के कारण ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तेज बौछारें पड़ सकती हैं। खराब मौसम और बर्फबारी को देखते हुए पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ?
यह भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उठने वाला एक तूफान है जो नमी लेकर भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंचता है। सर्दियों में होने वाली बारिश और बर्फबारी का मुख्य कारण यही होता है।