Edited By Tanuja,Updated: 01 Feb, 2026 12:18 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। यह बयान अमेरिकी प्रतिबंधों और वैश्विक ऊर्जा राजनीति के बीच आया है। भारत की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
New York: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान से तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात करेगा। ट्रंप ने यह बयान शनिवार को फ्लोरिडा के पाम बीच जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आई, जिसमें चीन द्वारा वेनेजुएला को दिए गए कर्ज की भरपाई तेल आपूर्ति के जरिये किए जाने की संभावना पर चर्चा हो रही थी। ट्रंप ने कहा, “चीन का स्वागत है, वह तेल के मामले में बड़ा सौदा कर सकता है। भारत भी आ रहा है और वह ईरान से तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला का तेल खरीदेगा। हमने पहले ही यह सौदा कर लिया है, कम से कम इसकी अवधारणा तो तय हो चुकी है।”
हालांकि, नई दिल्ली की ओर से ट्रंप के इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि भारत 2019 तक ईरान से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल था, लेकिन अमेरिका द्वारा ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत ने वहां से तेल आयात में भारी कटौती कर दी थी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ईरान और वेनेजुएला दोनों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए है और प्रमुख ऊर्जा आयातक देशों पर इन देशों से तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है। बीते कुछ वर्षों में भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है, जिससे रूस भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया।
इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाया है, जिसमें रूसी तेल खरीद से जुड़ा 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल बताया गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से टेलीफोन पर बातचीत की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में भारत–वेनेजुएला साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने ‘ग्लोबल साउथ’ से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आपसी सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया।