Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Mar, 2026 01:18 PM

कुछ साल पहले तक 10 ग्राम सोने का भाव ₹3 लाख तक पहुंचने की बात कल्पना जैसी लगती थी लेकिन अब कई वैश्विक मार्केट एक्सपर्ट मानते हैं कि बदलती आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आने वाले वर्षों में सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों तक जा सकती हैं।
बिजनेस डेस्कः कुछ साल पहले तक 10 ग्राम सोने का भाव ₹3 लाख तक पहुंचने की बात कल्पना जैसी लगती थी लेकिन अब कई वैश्विक मार्केट एक्सपर्ट मानते हैं कि बदलती आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आने वाले वर्षों में सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों तक जा सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचती है, तो भारत में 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹2.7 लाख से ₹3.1 लाख के बीच हो सकता है। Gold की कीमतों में संभावित इस तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें बढ़ता वैश्विक कर्ज, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर पर घटता भरोसा शामिल है।
एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में मजबूती देखी जा सकती है। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर मौजूदा रुझान जारी रहा तो 2029 तक सोना 10,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है। उनका कहना है कि सोने की मजबूती सिर्फ महंगाई या ब्याज दरों से नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में हो रहे बड़े बदलावों से जुड़ी है।
क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें?
1. बढ़ता वैश्विक कर्ज
दुनिया भर में सरकारी और निजी कर्ज तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सेंट्रल बैंकों के लिए ब्याज दरें बहुत ज्यादा बढ़ाना मुश्किल हो जाता है, जिससे सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति को समर्थन मिलता है।
2. भू-राजनीतिक तनाव
Russia–Ukraine War, मिडिल ईस्ट संघर्ष और चीन-ताइवान तनाव जैसे हालात निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेलते हैं, जिसमें सोना सबसे प्रमुख विकल्प माना जाता है।
3. डॉलर पर घटता भरोसा
कई देशों और सेंट्रल बैंकों ने हाल के वर्षों में अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाए हैं। इसका कारण डॉलर आधारित एसेट्स पर निर्भरता कम करना भी बताया जा रहा है।
4. वैश्विक अनिश्चितता और डी-ग्लोबलाइजेशन
दुनिया की अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता और देशों के बीच घटते भरोसे के कारण निवेशक सुरक्षित एसेट्स में ज्यादा निवेश कर रहे हैं।
5. लंबे समय का मजबूत ट्रेंड
विश्लेषकों के मुताबिक सोने में लंबे समय से मजबूत अपट्रेंड बना हुआ है और लगातार बढ़ती मांग इसे नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
छोटे निवेशकों के लिए सिल्वर विकल्प
सोने की कीमतें बढ़ने से आम निवेशकों के लिए इसे खरीदना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में Silver को छोटे निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि यह सोने के मुकाबले काफी सस्ता होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि सोना कब 10,000 डॉलर तक पहुंचेगा लेकिन वैश्विक आर्थिक बदलाव यह संकेत जरूर दे रहे हैं कि लंबे समय में सोने की कीमतों में मजबूत तेजी की संभावना बनी हुई है।