Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 May, 2026 12:13 PM

देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच अब क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स भी ठगों के निशाने पर आ गए हैं। गृह मंत्रालय से जुड़ी साइबर एजेंसियों के विश्लेषण में सामने आया है कि Trust Wallet जैसे क्रिप्टो वॉलेट इस्तेमाल करने वाले लोगों को बड़े पैमाने पर...
बिजनेस डेस्कः देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच अब क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स भी ठगों के निशाने पर आ गए हैं। गृह मंत्रालय से जुड़ी साइबर एजेंसियों के विश्लेषण में सामने आया है कि Trust Wallet जैसे क्रिप्टो वॉलेट इस्तेमाल करने वाले लोगों को बड़े पैमाने पर ठगा जा रहा है।
कैसे हो रहा है यह फ्रॉड?
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और NCTAU की रिपोर्ट के अनुसार, ठग सबसे पहले यूजर्स से P2P प्लेटफॉर्म्स पर संपर्क करते हैं। इसके बाद बातचीत को WhatsApp या Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर ले जाया जाता है, ताकि उनकी गतिविधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।
फिर यूजर्स को नकली वेरिफिकेशन वेबसाइट्स पर भेजा जाता है और उनसे उनका क्रिप्टो वॉलेट कनेक्ट करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही यूजर इन साइट्स को अनुमति देता है, ठग बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के वॉलेट से पैसा ट्रांसफर कर लेते हैं।
इस तरह की ठगी में सबसे बड़ी समस्या यह है कि क्रिप्टो ट्रांजैक्शन अपरिवर्तनीय (irreversible) होते हैं यानी एक बार पैसा चला गया तो उसे वापस पाना लगभग असंभव हो जाता है।
क्या बरतें सावधानी?
साइबर एजेंसियों ने यूजर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- किसी भी अनजान या संदिग्ध वेबसाइट से अपना क्रिप्टो वॉलेट कनेक्ट न करें
- अपनी seed phrase या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें
- किसी भी लिंक या वेबसाइट की जांच किए बिना आगे न बढ़ें
- अपने वॉलेट से जुड़े संदिग्ध या अनजान dApps को तुरंत डिस्कनेक्ट करें
अगर फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?
अगर आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।