Edited By Tanuja,Updated: 02 May, 2026 04:10 PM

अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी से ईरान को करीब 4.8 अरब डॉलर के तेल राजस्व का नुकसान हुआ है। कई टैंकर फंसे हुए हैं और शिपिंग मार्ग बदलने पड़े हैं। यह कदम ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
International Desk: अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से ईरान को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। Pentagon के अनुमान के अनुसार, इस नाकेबंदी के कारण ईरान को लगभग 4.8 अरब डॉलर के तेल राजस्व का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में करीब 31 टैंकर फंसे हुए हैं, जिनमें लगभग 53 मिलियन बैरल तेल मौजूद है। इसके अलावा दो टैंकरों को जब्त भी किया गया है, जिससे ईरान के तेल निर्यात पर गंभीर असर पड़ा है।
इस स्थिति के कारण कई जहाज अब तेल पहुंचाने के लिए लंबा और महंगा रास्ता अपनाने को मजबूर हैं, खासकर चीन तक सप्लाई के लिए। इससे वैश्विक तेल व्यापार की दिशा भी बदल रही है। यह नाकेबंदी उस समय लगाई गई जब अमेरिका ईरान पर दबाव बना रहा है कि वह संघर्ष को खत्म करने के लिए स्थायी समझौते को स्वीकार करे। यह कदम Strait of Hormuz और आसपास के समुद्री मार्गों पर नियंत्रण से जुड़ा है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है।
ईरान ने पहले कहा था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए खोल दिया है, लेकिन अमेरिका ने अपनी नाकेबंदी जारी रखी, जिससे स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त हो चुका है और 60 दिनों की कानूनी अवधि पूरी होने के बाद सैन्य कार्रवाई रोक दी गई है।