Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 Aug, 2026 02:01 PM

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के आम बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्रालय ने बजट सर्कुलर जारी कर दिया है, जिसमें आगामी बजट तैयार करने की प्रक्रिया, समयसीमा और जरूरी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। सर्कुलर के तहत मंत्रालयों और विभागों को
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के आम बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्रालय ने बजट सर्कुलर जारी कर दिया है, जिसमें आगामी बजट तैयार करने की प्रक्रिया, समयसीमा और जरूरी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। सर्कुलर के तहत मंत्रालयों और विभागों को वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमान (Revised Estimates) और 2027-28 के बजट अनुमान (Budget Estimates) तैयार करने को कहा गया है। इसके लिए उन्हें अपने खर्च और संसाधनों से जुड़ी विस्तृत जानकारी निर्धारित समयसीमा में देनी होगी।
सरकार की प्री-बजट बैठकें 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होंगी, जबकि मंत्रालयों और विभागों को जरूरी जानकारी 6 अक्टूबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बजट 2027-28 की प्रक्रिया सरकार के ‘विकसित भारत @2047’ के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप रखी जाएगी। ऐसे में मंत्रालयों के खर्च प्रस्तावों में सरकार की मंजूर प्राथमिकताओं के साथ-साथ वास्तविक संसाधन जरूरतों का भी ध्यान रखना होगा।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) ने मंत्रालयों और विभागों से बजट अनुमान यथार्थवादी और सटीक रखने को कहा है। साथ ही वित्त वर्ष के दौरान अतिरिक्त संसाधनों की मांग को न्यूनतम रखने पर जोर दिया गया है। बजट सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित आवंटनों को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी प्राप्त होनी चाहिए। इसके अलावा, पहले से चल रही योजनाओं के लिए स्वीकृत व्यय योजनाएं भी उपलब्ध होना जरूरी होगा।
इस पूरी प्रक्रिया के तहत मंत्रालय और विभाग यूनियन बजट इंफॉर्मेशन सिस्टम (UBIS) के माध्यम से अनुदान की विस्तृत मांग (Detailed Demands for Grants) तैयार करेंगे। वित्त मंत्रालय ने बजट से जुड़ी सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया है। वित्तीय सलाहकारों को निर्देश दिया गया है कि UBIS में दर्ज की जाने वाली जानकारी को केवल निर्धारित सुरक्षित प्रणालियों के माध्यम से ही संभाला जाए।