Banking Sector: 2008 के बाद HDFC Bank की सबसे बड़ी विदेशी फंडिंग, जुटाए $1.75 अरब

Edited By Updated: 21 Aug, 2026 11:30 AM

hdfc bank raises 1 75 billion its largest foreign funding since 2008

Banking Sector: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC ने सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड जारी कर 1.75 अरब डॉलर यानी करीब 17 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद से बैंक की ओर से सबसे बड़ा विदेशी फंड जुटाया गया है। बैंक ने...

Banking Sector: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC ने सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड जारी कर 1.75 अरब डॉलर यानी करीब 17 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद से बैंक की ओर से सबसे बड़ा विदेशी फंड जुटाया गया है। बैंक ने यह इश्यू अपनी GIFT City ब्रांच के जरिए किया है।

यह बॉन्ड इश्यू दो हिस्सों में जारी किया गया। पहले ट्रांच में 500 मिलियन डॉलर के तीन साल के बॉन्ड और दूसरे ट्रांच में 1.25 अरब डॉलर के पांच साल के बॉन्ड शामिल हैं।

हर छह महीने में मिलेगा ब्याज

तीन साल के बॉन्ड पर 5.159 फीसदी का कूपन रेट तय किया गया है, जबकि पांच साल के बॉन्ड पर 5.401 फीसदी का कूपन है। दोनों बॉन्ड पर ब्याज का भुगतान हर छह महीने में किया जाएगा। दोनों ट्रांच का सेटलमेंट 26 अगस्त 2026 को होगा। तीन साल का बॉन्ड 26 अगस्त 2029 और पांच साल का बॉन्ड 26 अगस्त 2031 को मैच्योर होगा।

तीन साल के बॉन्ड के लिए प्राइस गाइडेंस T+88 बेसिस पॉइंट्स और पांच साल के बॉन्ड के लिए T+100 बेसिस पॉइंट्स रखा गया था।

विदेशी डेट मार्केट का रुख कर रहे बैंक

RBI की एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) के लिए कंसेशनल स्वैप विंडो के चलते हाल के महीनों में कई भारतीय बैंकों ने विदेशी डेट मार्केट का रुख किया है। यह विंडो साल के अंत तक उपलब्ध रहेगी।

IDFC First Bank ने हाल ही में विदेशी बॉन्ड के जरिए 500 मिलियन डॉलर जुटाए थे। वहीं Kotak Mahindra Bank ने अपने पहले पांच साल के बॉन्ड इश्यू के जरिए करीब 650 मिलियन डॉलर जुटाए। ICICI Bank और State Bank of India (SBI) भी विदेशी बाजार से बड़ी रकम जुटा चुके हैं।

इंडिया INX और NSE पर होगी लिस्टिंग

HDFC Bank के ये बॉन्ड India INX और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट होंगे। बॉन्ड को Moody’s ने Baa3 और S&P Global ने BBB क्रेडिट रेटिंग दी है।

बैंक ने यह फंडिंग 144A रूट के जरिए जुटाई है। ये सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड हैं यानी इनके बदले बैंक की ओर से कोई सिक्योरिटी या संपत्ति गिरवी नहीं रखी गई है।
 
 

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