Cooking oil expensive: ईरान-इजरायल जंग के बीच चुपचाप बढ़ गए कुकिंग ऑयल के दाम, आगे और महंगाई का खतरा

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 12:57 PM

impact of middle east tension on indian kitchen prices of edible oil started in

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पिछले कुछ दिनों में कुकिंग ऑयल की कीमतें चुपचाप बढ़ गई हैं और बाजार में सूरजमुखी, सोयाबीन व पाम तेल के दाम प्रति लीटर कई रुपए तक चढ़ गए हैं।...

बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पिछले कुछ दिनों में कुकिंग ऑयल की कीमतें चुपचाप बढ़ गई हैं और बाजार में सूरजमुखी, सोयाबीन व पाम तेल के दाम प्रति लीटर कई रुपए तक चढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई में बाधा और बढ़ती ढुलाई लागत के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में खाने के तेल के दाम में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

खाद्य तेलों के दाम में उछाल

पिछले कुछ दिनों में सूरजमुखी, सोयाबीन, पाम और ब्लेंडेड ऑयल की कीमतों में करीब 3 से 5 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी लगभग 5 फीसदी के आसपास है। वैश्विक तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ गया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।

आगे और महंगा हो सकता है तेल

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में सूरजमुखी और ब्लेंडेड ऑयल की कीमतों में 10 से 15 रुपए प्रति लीटर तक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर आम लोगों की थाली और घरेलू बजट पर पड़ सकता है।

आयात महंगा पड़ रहा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के महंगे होने और रुपए के कमजोर होने से खाद्य तेलों का आयात महंगा हो गया है। व्यापारियों के मुताबिक युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे फ्रेट चार्ज में तेजी आई है। इसका असर खास तौर पर सूरजमुखी, सोयाबीन और पाम ऑयल की कीमतों पर दिख रहा है।

आयात पर निर्भरता बनी बड़ी वजह

भारत में खाद्य तेल की खपत काफी ज्यादा है, लेकिन घरेलू उत्पादन मांग के मुकाबले कम है। उदाहरण के तौर पर सूरजमुखी तेल का उत्पादन मुख्य रूप से Karnataka में होता है, जबकि Maharashtra और Andhra Pradesh में भी इसकी खेती की जाती है। इसके बावजूद देश को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाना पड़ता है।

भारत सूरजमुखी तेल समेत कई खाद्य तेलों का आयात Ukraine, Russia, Argentina और Bulgaria जैसे देशों से करता है। मौजूदा वैश्विक तनाव के कारण इन देशों से सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।

एक हफ्ते में बदले दाम

महंगाई का असर बाजार में साफ दिखने लगा है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में सूरजमुखी तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। उदाहरण के तौर पर Bengaluru के खुदरा बाजार में एक हफ्ते पहले सूरजमुखी तेल करीब 161 रुपए प्रति लीटर मिल रहा था, जो अब बढ़कर करीब 165 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

यह बढ़ोतरी किसी एक ब्रांड तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजार में मौजूद लगभग सभी कंपनियों के तेल महंगे हुए हैं। सूरजमुखी और राइस ब्रान ऑयल से बनने वाले ब्लेंडेड ऑयल, जैसे Saffola Gold, की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
 

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