देश का चीनी निर्यात विपणन वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2.01 लाख टन: एआईएसटीए

Edited By Updated: 16 Feb, 2026 01:39 PM

india s sugar exports to reach 2 01 lakh tonnes in the 2025 26 marketing

भारत ने चालू वर्ष 2025-26 के विपणन वर्ष में फरवरी तक 2,01,547 टन चीनी का निर्यात किया। इसमें संयुक्त अरब अमीरात शीर्ष निर्यात गंतव्य रहा। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) ने सोमवार को यह जानकारी दी। चीनी निर्यात पर सरकार का नियंत्रण बना हुआ...

नई दिल्लीः भारत ने चालू वर्ष 2025-26 के विपणन वर्ष में फरवरी तक 2,01,547 टन चीनी का निर्यात किया। इसमें संयुक्त अरब अमीरात शीर्ष निर्यात गंतव्य रहा। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) ने सोमवार को यह जानकारी दी। चीनी निर्यात पर सरकार का नियंत्रण बना हुआ है जिसके तहत मिल के बीच आनुपातिक रूप से 'कोटा' वितरित किया जाता है। केंद्र सरकार ने 2025-26 विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए कुल 20 लाख टन निर्यात को मंजूरी दी है जिसमें हाल ही में स्वीकृत अतिरिक्त पांच लाख टन भी शामिल है। 

एआईएसटीए ने बयान में कहा कि कुल निर्यात में सफेद चीनी की हिस्सेदारी 163,000 टन रही जबकि परिष्कृत चीनी की हिस्सेदारी 37,638 टन थी। संयुक्त अरब अमीरात को सबसे अधिक 47,006 टन चीनी निर्यात की गई। इसके बाद अफगानिस्तान को 46,163 टन, जिबूती को 30,147 टन और भूटान को 20,017 टन चीनी निर्यात हुई। एआईएसटीए ने विपणन वर्ष के लिए अपने पहले अनुमान में कहा कि सितंबर में समाप्त होने वाले 2025-26 विपणन वर्ष में भारत का चीनी उत्पादन, एथनॉल के लिए चीनी के बदलाव को छोड़कर 13 प्रतिशत बढ़कर 2.96 करोड़ टन रहने का अनुमान है। उद्योग निकाय ने इच्छुक मिल को आनुपातिक आधार पर अतिरिक्त पांच लाख टन निर्यात की अनुमति देने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। 

एआईएसटीए ने कहा कि शुरुआती 15 लाख टन के 'कोटे' (जिसे मिल के बीच आदान-प्रदान किया जा सकता था) के विपरीत नए आवंटन को बदला नहीं जा सकता है। एआईएसटीए के चेयरमैन प्रफुल विठलानी ने कहा, ''यह दो स्तरीय प्रणाली चीनी के निर्यात को कुछ हद तक सुगम बनाएगी। अब वास्तविक निर्यात करने वाली मिल को व्यापार योग्य 'कोटे' पर निष्क्रिय पड़ी मिल को कोई 'प्रीमियम' नहीं देना पड़ेगा।'' 

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