Edited By Tanuja,Updated: 17 Feb, 2026 10:43 AM

भारत ने फरवरी में ईरान से जुड़े और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकर जब्त किए हैं। अवैध तेल व्यापार रोकने के लिए समुद्री निगरानी बढ़ाई गई है। यह कार्रवाई भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया मजबूती और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के अनुरूप मानी जा...
International Desk: भारत ने इस महीने ईरान से जुड़े और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकर जब्त किए हैं और अपने समुद्री क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी है। यह जानकारी Reuters ने सूत्रों के हवाले से दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि भारतीय जलक्षेत्र का उपयोग जहाज-से-जहाज (Ship-to-Ship) ट्रांसफर के जरिए तेल की असली पहचान छिपाने में न हो सके। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के बाद द्विपक्षीय संबंधों में सुधार देखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, जब्त किए गए तीन टैंकर Stellar Ruby, Asphalt Star और Al Jafzia बार-बार अपनी पहचान बदलकर तटीय देशों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहे थे। इन जहाजों के मालिक विदेशों में स्थित बताए जा रहे हैं। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के हवाले से दावा किया है कि इन टैंकरों या उनके कार्गो का कंपनी से कोई संबंध नहीं है। Indian Coast Guard ने अब अपने समुद्री क्षेत्र में 55 जहाज और 10–12 विमान तैनात किए हैं, जो 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका के Office of Foreign Assets Control ने पिछले वर्ष जिन जहाजों पर प्रतिबंध लगाए थे, उनके आईएमओ नंबर हाल ही में पकड़े गए जहाजों से मेल खाते हैं।
डेटा के अनुसार, Al Jafzia ने 2025 में ईरान से जिबूती तक ईंधन तेल पहुंचाया था, जबकि Stellar Ruby ईरानी ध्वज के तहत पंजीकृत रहा। Asphalt Star अधिकतर चीन के आसपास परिचालन करता पाया गया। इससे पहले फरवरी में ही भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र-हवा नेटवर्क के जरिए चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया कि संघर्षग्रस्त देशों से सस्ता तेल मिड-सी ट्रांसफर के जरिए मोटर टैंकरों तक पहुंचाया जा रहा था, जिससे भारी शुल्क की चोरी की जा रही थी। भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि यह ऑपरेशन डिजिटल निगरानी और समुद्री मौजूदगी के दम पर किया गया, जो भारत को समुद्री सुरक्षा का विश्वसनीय प्रदाता और अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था का सशक्त पालनकर्ता साबित करता है।