Shahpur Kandi Dam: रावी नदी पर भारत का बड़ा कदम! शाहपुर कंडी डैम तैयार, क्या मार्च से प्यासा रहेगा पाकिस्तान?

Edited By Updated: 17 Feb, 2026 02:43 PM

shahpur kandi dam operation sindoor indus water treaty ravi river

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी रणनीतिक और कूटनीतिक आक्रामकता को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' और सिंधु जल संधि पर कड़े स्टैंड के बाद अब मोदी सरकार ने जल-शक्ति के जरिए पाकिस्तान को घेरने की तैयारी...

नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी रणनीतिक और कूटनीतिक आक्रामकता को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' और सिंधु जल संधि पर कड़े स्टैंड के बाद अब मोदी सरकार ने जल-शक्ति के जरिए पाकिस्तान को घेरने की तैयारी पूरी कर ली है। रावी नदी का वह पानी, जो दशकों से भारत की जमीन को प्यासा छोड़कर सीमा पार पाकिस्तान चला जाता था, अब पूरी तरह भारत के हक में इस्तेमाल होगा।

जल-शक्ति का मास्टरस्ट्रोक: शाहपुर कंडी डैम से रुकेगी पाकिस्तान की 'धार', भारतीय खेतों में आएगी बहार
रावी नदी पर वर्षों से लंबित शाहपुर कंडी बांध परियोजना अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। भारत सरकार ने ऐलान किया है कि मार्च 2026 तक यह डैम पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा। इस कदम के साथ ही भारत ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह अपने प्राकृतिक संसाधनों का एक कतरा भी व्यर्थ नहीं जाने देगा, खासकर तब जब पड़ोसी देश आतंकवाद को पालने-पोषने से बाज नहीं आ रहा है।

मार्च से प्यासा रहेगा पाकिस्तान?
रावी नदी उन जलधाराओं में से है, जिन पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत भारत का पूर्ण अधिकार है। इसके बावजूद, स्टोरेज की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण करोड़ों क्यूसेक पानी बहकर पाकिस्तान चला जाता था। शाहपुर कंडी डैम के गेट बंद होते ही पाकिस्तान की ओर जाने वाला यह मुफ्त का पानी पूरी तरह रुक जाएगा। पहले से ही जल संकट और आर्थिक बदहाली झेल रहे पाकिस्तान के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि उसके निचले इलाकों में सिंचाई और पीने के पानी की किल्लत और गहराने वाली है।

जम्मू-कश्मीर और पंजाब के किसानों की बदलेगी तकदीर
इस बांध का सबसे बड़ा फायदा सरहद के पास रहने वाले भारतीय किसानों को होगा। बांध चालू होते ही जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों की लगभग 32,000 हेक्टेयर सूखी जमीन को जीवनदान मिलेगा। इसके अलावा, पंजाब के भी हजारों किसानों को सिंचाई के लिए सालभर पानी उपलब्ध रहेगा। यह परियोजना उन इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जहां पानी की कमी के कारण अक्सर फसलें बर्बाद हो जाती थीं।

सिंचाई के साथ समृद्धि का नया अध्याय
शाहपुर कंडी डैम सिर्फ सिंचाई का साधन नहीं, बल्कि इलाके के सर्वांगीण विकास का इंजन भी बनेगा। जल संरक्षण के बेहतर इंतजाम होने से भविष्य में यहां पनबिजली (Hydroelectric Power) उत्पादन की राह भी खुलेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। रणनीतिक रूप से देखें तो भारत ने बिना एक गोली चलाए पाकिस्तान पर दबाव बनाने का यह सबसे कारगर तरीका अपनाया है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!