Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Aug, 2026 03:49 PM

सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक को पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन के साथ चालू वित्त वर्ष में प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री से होने वाली आय समेत कुल ट्रेजरी राजस्व 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक...
चेन्नईः सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक को पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन के साथ चालू वित्त वर्ष में प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री से होने वाली आय समेत कुल ट्रेजरी राजस्व 1,000 से 1,500 करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बिनोद कुमार ने कहा कि बैंक ने अप्रैल-जून तिमाही में 300 करोड़ रुपए की ट्रेजरी आय का अनुमान लगाया था, जबकि वास्तविक आय 500 करोड़ रुपए रही। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में हमारी ट्रेजरी आय 1,000 करोड़ रुपए से 1,500 करोड़ रुपए के बीच रहेगी।"
ट्रेजरी आय में दो प्रमुख घटक होते हैं। इनमें प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री से होने वाली आय और निवेश से मिलने वाली ब्याज आय शामिल हैं। परिसंपत्ति गुणवत्ता के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि बैंक इसका अच्छी तरह प्रबंधन कर रहा है। बैंक का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को कुल ऋण के 1.5-1.6 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए को 0.15-0.2 प्रतिशत तक रखना है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 200 करोड़ रुपए के फंसे कर्ज को परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एआरसी) को बेचने की भी योजना है।
कुमार ने कहा कि मजबूत मांग के चलते बैंक का स्वर्ण ऋण कारोबार चालू वित्त वर्ष में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने की उम्मीद है। फिलहाल स्वर्ण ऋण व्यवसाय करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए का है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में सोने की कीमतों में तेजी के कारण स्वर्ण ऋण कारोबार में करीब 30 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। इस वित्त वर्ष में वृद्धि धीमी रहने की उम्मीद है और यह करीब 20 प्रतिशत रह सकती है।