Edited By jyoti choudhary,Updated: 11 Jul, 2026 03:25 PM

पिछले एक साल में कई विदेशी शेयर बाजारों ने भारतीय बाजार में तुलना से बेहतर प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में आई तेजी का फायदा भारतीय निवेशकों के लिए उपलब्ध कई अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंडों को भी मिला है। इसके...
बिजनेस डेस्कः पिछले एक साल में कई विदेशी शेयर बाजारों ने भारतीय बाजार में तुलना से बेहतर प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में आई तेजी का फायदा भारतीय निवेशकों के लिए उपलब्ध कई अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंडों को भी मिला है। इसके चलते विदेशी बाजारों में निवेश एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, सभी निवेशकों के लिए इन फंड्स तक पहुंच समान नहीं है। कई इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड नई एकमुश्त (लंपसम) निवेश राशि स्वीकार कर रहे हैं, जबकि कुछ फंड केवल SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए ही निवेश की अनुमति दे रहे हैं। ऐसे में कई बेहतरीन रिटर्न देने वाले फंड्स में सीधे लंपसम निवेश करना फिलहाल संभव नहीं है।
विदेशी बाजारों की ओर क्यों बढ़ रहा निवेश?
बीते एक वर्ष में भारतीय और वैश्विक शेयर बाजारों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां भारतीय बाजार सीमित या कमजोर रिटर्न देने में सफल रहे, वहीं कई विदेशी बाजारों ने दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की। खासतौर पर टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े बाजारों में मजबूत तेजी रही। नैस्डैक इंडेक्स में करीब 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि ताइवान के शेयर बाजार ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसका सीधा लाभ अंतरराष्ट्रीय इक्विटी फंड्स के निवेशकों को मिला।
SIP के जरिए निवेश का विकल्प
कई इंटरनेशनल फंड फिलहाल केवल SIP के माध्यम से निवेश स्वीकार कर रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे फंड भी शामिल हैं जिन्होंने पिछले एक साल में बेहतरीन रिटर्न दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, Edelweiss Emerging Markets Opportunities Equity Offshore Fund ने एक वर्ष में लगभग 83.18 प्रतिशत का रिटर्न देकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा चीन, उभरते बाजार (Emerging Markets) और अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर केंद्रित फंड्स ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।
आंकड़ों से सामने आए तीन बड़े ट्रेंड
टेक्नोलॉजी सेक्टर का दबदबा:
अमेरिकी टेक शेयरों में तेजी के चलते नैस्डैक आधारित फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया।
उभरते बाजारों की मजबूत वापसीः
चीन और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करने वाले फंड्स ने कई मामलों में अमेरिकी बाजार आधारित फंड्स के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन किया।
निवेश पर सीमाएं:
कई हाई-रिटर्न इंटरनेशनल फंड्स में लंपसम निवेश फिलहाल बंद है और केवल SIP के जरिए निवेश की सुविधा उपलब्ध है, जिससे निवेशकों की पसंद सीमित हो जाती है।