Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Jul, 2026 05:18 PM

भारतीय शेयर बाजार में आगे की दिशा अब दो अहम कारकों पर निर्भर करेगी। पहला, अप्रैल से जून तिमाही यानी Q1 FY27 के कंपनियों के नतीजे और दूसरी, इस साल का मानसून। वैश्विक ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि यदि कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर...
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में आगे की दिशा अब दो अहम कारकों पर निर्भर करेगी। पहला, अप्रैल से जून तिमाही यानी Q1 FY27 के कंपनियों के नतीजे और दूसरी, इस साल का मानसून। वैश्विक ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि यदि कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे और मानसून सामान्य रहा, तो बाजार में तेजी को नया बल मिल सकता है।
ब्रोकरेज के अनुसार, हाल के आर्थिक संकेतक मजबूत रहे हैं, जिससे पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों के बेहतर रहने की संभावना बढ़ गई है। वहीं, मानसून को लेकर भी फिलहाल किसी बड़ी चिंता की जरूरत नहीं दिखाई दे रही है।
सेंसेक्स 89,000 तक पहुंचने का अनुमान
मॉर्गन स्टेनली ने जून 2027 तक सेंसेक्स के 89,000 अंक तक पहुंचने का अपना लक्ष्य बरकरार रखा है। मौजूदा स्तर से यह लगभग 14 प्रतिशत की संभावित बढ़त दर्शाता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इस लक्ष्य के पूरा होने की संभावना 50 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि आर्थिक हालात अपेक्षा से बेहतर रहे तो सेंसेक्स 1 लाख अंक तक भी पहुंच सकता है। वहीं, विपरीत परिस्थितियों में इसके 66,000 अंक तक गिरने की संभावना भी जताई गई है। इन दोनों स्थितियों की संभावना 25-25 प्रतिशत आंकी गई है।
इन सेक्टरों पर जताया भरोसा
मॉर्गन स्टेनली ने घरेलू मांग से जुड़े क्षेत्रों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। बैंकिंग, ऑटो, रिटेल, उपभोक्ता कंपनियों और औद्योगिक क्षेत्र को 'ओवरवेट' रेटिंग दी गई है। दूसरी ओर, ऊर्जा, धातु, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को अपेक्षाकृत कम आकर्षक माना गया है।