Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Mar, 2026 04:25 PM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पर खतरे के कारण वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित होने लगी है। इसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है। कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं और बाजार में कमर्शियल...
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पर खतरे के कारण वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित होने लगी है। इसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है। कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं और बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की शॉर्टेज बढ़ गई है।
कुछ जगहों पर सिलेंडर ब्लैक मार्केट में सामान्य कीमत से तीन से चार गुना ज्यादा दाम पर बिक रहे हैं। गैस की कमी के कारण कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट्स के संचालन पर भी असर पड़ा है। कई जगह खाना बनाने के लिए इंडक्शन या लकड़ी जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया जा रहा है।
खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े
गैस की कीमत और कमी का असर खाने-पीने की चीजों पर भी पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं।
- 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 15 रुपए तक पहुंच गई है
- 15 रुपए की चाय कई जगह 20 रुपए में बिक रही है
- 15 रुपए का समोसा 20 रुपए में मिल रहा है
- 20 रुपए वाला ब्रेड पकोड़ा 25 से 30 रुपए तक पहुंच गया है
- मोमोज की प्लेट 50 रुपए से बढ़कर लगभग 100 रुपए हो गई है
- 150 रुपए की चिकन बिरयानी प्लेट अब करीब 200 रुपए में बिक रही है
होटल और ढाबों के मेन्यू में बदलाव
एलपीजी की कमी का सबसे ज्यादा असर ढाबों, रेस्टोरेंट्स और छोटे फूड स्टॉल पर पड़ा है। कई जगह गैस न मिलने के कारण कुछ रेस्टोरेंट्स बंद हो गए हैं, जबकि कई ने अपने मेन्यू में बदलाव कर दिया है।
कुछ होटलों और ढाबों में तवा रोटी बनाना बंद कर दिया गया है और उसकी जगह तंदूर रोटी परोसने का चलन बढ़ गया है। वहीं सड़क किनारे लगने वाले कई फूड स्टॉल भी फिलहाल बंद नजर आ रहे हैं।
सरकार ने कहा—स्थिति पर नजर
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री Suresh Gopi ने कहा कि सरकार एलपीजी संकट से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। भारत के लिए अतिरिक्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही सप्लाई को सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।