Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Apr, 2026 10:53 AM

गुरुवार को शेयर बाजार खुलते ही भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 900 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 में 300 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस तेज गिरावट से निवेशकों को सुबह-सुबह बड़ा झटका लगा।
बिजनेस डेस्कः गुरुवार को शेयर बाजार खुलते ही भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 900 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 में 300 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस तेज गिरावट से निवेशकों को सुबह-सुबह बड़ा झटका लगा।
सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 951.32 अंक गिरकर 76,545.04 पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 भी 307.20 अंक टूटकर 23,870.45 पर कारोबार कर रहा था। गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक घटकर 465 लाख करोड़ रुपए रह गया, यानि निवेशकों को 3 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
गिरावट के प्रमुख कारण
1. वैश्विक तनाव बढ़ा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी बढ़ाने की चेतावनी से निवेशकों में डर बढ़ गया।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
Brent Crude Oil 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो 2022 के बाद पहली बार है। इससे भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
3. रुपए में ऐतिहासिक गिरावट
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.07 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ।
4. एग्जिट पोल से अनिश्चितता
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के एग्जिट पोल के नतीजों ने राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ा दी, जिसका असर बाजार पर पड़ा।
5. अमेरिकी फेड का सख्त रुख
Federal Reserve के सख्त रुख के कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता भारत के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा, अमेरिका और दक्षिण कोरिया की AI कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) भारत से बाहर जा सकता है।
यह स्थिति जून 2024 के आम चुनाव नतीजों की याद दिलाती है, जब एग्जिट पोल गलत साबित होने पर बाजार में एक ही दिन में करीब 6% की गिरावट आई थी। फिलहाल निवेशक सतर्क हैं और मजबूत तिमाही नतीजों वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।