Market Crash: बाजार को नहीं भाया बजट, मार्केट क्रैश से निवेशकों के डूबे 16 लाख करोड़

Edited By Updated: 01 Feb, 2026 01:14 PM

market did not react positively to the budget market crash investors losing 16

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट पेश किए जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार में रविवार, 1 फरवरी को इंट्राडे कारोबार के दौरान जोरदार गिरावट देखने को मिली। अचानक मार्केट क्रैश के कारण निवेशकों के 16 लाख करोड़ रुपए डूब गए। बजट में...

बिजनेस डेस्कः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट पेश किए जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार में रविवार, 1 फरवरी को इंट्राडे कारोबार के दौरान जोरदार गिरावट देखने को मिली। अचानक मार्केट क्रैश के कारण निवेशकों के 16 लाख करोड़ रुपए डूब गए। बजट में राजकोषीय अनुशासन के साथ आर्थिक विकास पर जोर दिया गया लेकिन सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी के प्रस्ताव से बाजार की धारणा कमजोर पड़ गई। 

बजट के दिन विशेष कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स एक समय 2,400 अंक तक टूट गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 79,899.42 अंक के दिन के निचले स्तर तक फिसल गया। सुबह सेंसेक्स 82,388.97 अंक पर खुला था और शुरुआती कारोबार में 82,726.65 अंक के उच्च स्तर तक पहुंचा था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भी भारी दबाव देखने को मिला। निफ्टी 50 इंडेक्स में कारोबार के दौरान करीब 749 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,571.75 अंक के निचले स्तर तक आ गया। निफ्टी की शुरुआत 25,333.75 अंक पर हुई थी और शुरुआती सत्र में यह 25,440.90 अंक तक चढ़ा था।

STT बढ़ोतरी से बाजार पर दबाव

बाजार में आई इस तेज गिरावट का मुख्य कारण फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कारोबार पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रहा। बजट में फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने और ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर एसटीटी को 0.01 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस घोषणा के बाद एफ एंड ओ से जुड़े शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई।

निवेशकों को करीब 16 लाख करोड़ का नुकसान

बाजार में आई गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी को बाजार का कुल मार्केट कैप 4,60,02,240.35 करोड़ रुपए था, जो बजट वाले दिन घटकर 4,44,34,637.85 करोड़ रुपए रह गया। इस तरह निवेशकों को एक ही कारोबारी सत्र में करीब 15.7 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

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