Parliament Special Session 2026: आरक्षण और परिसीमन बिल पर मचा भारी हंगामा, शाह बोले- धर्म के आधार पर आरक्षण गैर- संवैधानिक

Edited By Updated: 16 Apr, 2026 12:48 PM

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संसद में आज आरक्षण और परिसीमन बिल पर भारी हंगामा शुरु हो गया है। सत्र के पहले दिन आरक्षण और परिसीमन बिल वाले मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष में भारी बहस शुरु हो गई है। कांग्रेस के विधायकों ने इसे संविधान को हाईजैक करने की कोशिश बताया है। इसी के साथ...

Parliament Special Session 2026: संसद में आज आरक्षण और परिसीमन बिल पर भारी हंगामा शुरु हो गया है। सत्र के पहले दिन आरक्षण और परिसीमन बिल वाले मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष में भारी बहस शुरु हो गई है। कांग्रेस के विधायकों ने इसे संविधान को हाईजैक करने की कोशिश बताया है। इसी के साथ समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग उठाकर मोर्चा खोल दिया। इसी के साथ अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण को असंवैधिक बताया है। 

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किरेन रिजिजू ने रखा प्रस्ताव

 किरेन रिजिजू ने पहले 12 घंटे की चर्चा का प्रस्ताव रखा था, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि चर्चा को 15 से 18 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है ताकि हर सदस्य को अपनी बात रखने का पर्याप्त समय मिले। विपक्ष की मांग पर इन विधेयकों को सदन के पटल पर रखने के लिए औपचारिक वोटिंग कराई गई। शुरुआत में 'ऑटोमैटिक वोट रिकॉर्डर' का उपयोग हुआ, जिसके बाद वोटिंग पर्चियों (Vote Slips) का भी सहारा लिया गया। बिल पेश करने के समर्थन में 251 वोट पड़े, जबकि विरोध में 185 वोट दर्ज किए गए। इस जीत के साथ ही सरकार ने विधेयकों को चर्चा के लिए सदन में सफलतापूर्वक पेश कर दिया है।

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने परिसीमन विधेयक किया पेश

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026' और 'परिसीमन विधेयक 2026' पेश किया। साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ा संशोधन बिल भी पटल पर रखा गया।

क्या होता है मत विभाजन ?

सामान्यतः लोकसभा में किसी भी प्रस्ताव को ध्वनि मत से पास किया जाता है, जहाँ सदस्य 'हाँ' या 'ना' बोलकर अपनी सहमति देते हैं। लेकिन जब विपक्ष परिणाम को चुनौती देता है, तो 'मत विभाजन' कराया जाता है। इसमें मशीनों के जरिए 'Ayes' (पक्ष), 'Noes' (विपक्ष) और 'Abstain' (तटस्थ) वोट रिकॉर्ड किए जाते हैं। यदि कोई तकनीकी दिक्कत हो या सदस्य अपना वोट बदलना चाहें, तो कागजी पर्चियों का उपयोग होता है।

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प्रधानमंत्री की अपील और विपक्ष का रुख

जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बिलों को 'नारी शक्ति' के सम्मान के लिए आवश्यक बताते हुए सर्वसम्मति की अपील की है, वहीं विपक्ष 'परिसीमन' (Delimitation) के प्रावधानों और ओबीसी कोटे को लेकर सरकार को घेर रहा है।

कल शाम 4 बजे होगा मतदान

 कल यानी शुक्रवार को दोपहर तक चर्चा चलेगी और ठीक शाम 4 बजे इन ऐतिहासिक विधेयकों को पारित करने के लिए अंतिम मतदान होगा। पूरे देश की नजरें कल होने वाली इस वोटिंग पर टिकी हैं।

 

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