5 Big Reasons Market crash: लगातार तीसरे दिन लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 75,000 के लेवल से फिसला

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 12:51 PM

market slumps for third consecutive day bse slips below 75 000 level

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन तेज गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार दबाव में रहा। BSE Sensex करीब 1130.84 अंक टूटकर 74,903.58 के आसपास...

बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन तेज गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार दबाव में रहा। BSE Sensex करीब 1130.84 अंक टूटकर 74,903.58 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 383.95 अंक यानी 1.62 फीसदी गिरकर लगभग 23,255.20 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

अगर पूरे सप्ताह की बात करें तो बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स करीब 4.5 प्रतिशत और निफ्टी लगभग 4.8 प्रतिशत टूट चुके हैं। यह गिरावट दिसंबर 2024 के बाद बाजार की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट बनने की ओर बढ़ रही है।

सेंसेक्स के शेयरों में Larsen & Toubro, Tata Steel, InterGlobe Aviation, UltraTech Cement, HDFC Bank और Tech Mahindra जैसे बड़े शेयरों में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। वहीं Power Grid Corporation of India, Hindustan Unilever, ITC Limited और Bajaj Finserv के शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली।

सेक्टोरल स्तर पर भी बाजार में व्यापक कमजोरी दिखाई दी। Nifty Midcap 100 करीब 1.89 फीसदी और Nifty Smallcap 100 लगभग 2.18 फीसदी गिर गया।

 
बाजार गिरने के 5 बड़े कारण


1. कमजोर वैश्विक संकेत

अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। Dow Jones Industrial Average 700 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि S&P 500 और Nasdaq Composite 1.5 प्रतिशत से अधिक गिर गए। ईरान से जुड़े तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

वैश्विक बेंचमार्क Brent Crude करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जबकि WTI Crude करीब 95 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। महंगे तेल से महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर असर की आशंका बढ़ गई है।

3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार से 7,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब 7,500 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।

4. सेक्टोरल स्तर पर दबाव

आईटी, मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आईटी एक प्रतिशत से ज्यादा गिरा, जबकि बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव रहा।

5. भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती वोलैटिलिटी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। India VIX करीब एक प्रतिशत बढ़ा, जो बढ़ती वोलैटिलिटी का संकेत देता है।
 
 

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