LPG-PNG-CNG पर लग सकता है नया शुल्क, सरकार कर रही है बड़े प्रस्ताव पर विचार

Edited By Updated: 06 Aug, 2026 10:44 AM

new levy likely on lpg and png cng government considering major proposal

एलपीजी (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG-CNG) का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए आने वाले समय में अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार रणनीतिक ईंधन भंडारण (Strategic Fuel Storage) योजना के लिए करीब

नई दिल्लीः एलपीजी (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG-CNG) का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए आने वाले समय में अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार रणनीतिक ईंधन भंडारण (Strategic Fuel Storage) योजना के लिए करीब 42 अरब डॉलर (लगभग 3.99 लाख करोड़ रुपए) जुटाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत LPG और प्राकृतिक गैस उपभोक्ताओं से मामूली शुल्क लिया जा सकता है। इस राशि का उपयोग देश में LPG, LNG और अन्य ईंधन के रणनीतिक भंडारण ढांचे को विकसित करने के लिए किया जाएगा। यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो पहली बार भारत का रणनीतिक ईंधन भंडार कार्यक्रम कच्चे तेल के साथ-साथ LPG और LNG को भी शामिल करेगा।

कितनी हो सकती है बढ़ोतरी 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेट्रोलियम मंत्रालय LPG पर 1.29 रुपए प्रति किलोग्राम शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है। इससे 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 18 रुपए की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, प्राकृतिक गैस पर 1.43 रुपए प्रति मानक घन मीटर शुल्क का भी प्रस्ताव बताया गया है। इन दोनों शुल्कों से हर साल करीब 1.5 अरब डॉलर जुटाए जाने का अनुमान है।

42 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान 

रिपोर्ट के अनुसार, अगले 10 वर्षों में इस रणनीतिक भंडारण कार्यक्रम पर लगभग 42 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इसमें भंडारण इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के साथ-साथ ईंधन का रणनीतिक स्टॉक तैयार करने पर भी खर्च किया जाएगा। कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार पर होने वाला खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि LPG और प्राकृतिक गैस के भंडारण ढांचे के लिए प्रस्तावित शुल्क से राशि जुटाई जा सकती है।

यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और भारत की आयातित ऊर्जा पर निर्भरता को देखते हुए तैयार किया गया है। फिलहाल यह विभिन्न मंत्रालयों के स्तर पर विचाराधीन है और इसे अभी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी नहीं मिली है। इसलिए किसी भी शुल्क को लेकर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है।

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!