Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 Sep, 2026 03:12 PM

अगस्त में जबरदस्त तेजी के बाद सितंबर में सोने की कीमतों में कुछ नरमी आई है। हालांकि, बड़ी ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेस फर्मों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने की कीमतों तेजी देखनो को मिल सकती है। जेपी मॉर्गन ने अनुमान जताया है कि सोना 2026 के अंत तक...
नई दिल्लीः अगस्त में जबरदस्त तेजी के बाद सितंबर में सोने की कीमतों में कुछ नरमी आई है। हालांकि, बड़ी ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेस फर्मों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने की कीमतों तेजी देखनो को मिल सकती है। जेपी मॉर्गन ने अनुमान जताया है कि सोना 2026 के अंत तक 4,500 डॉलर और 2027 के मध्य तक 5,000 डॉलर प्रति औंस तक यानी (415,959.74 रुपए) पहुंच सकता है।
वहीं, जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटेजी प्रमुख क्रिस वुड ने इससे भी आगे का अनुमान दिया है। उनके मुताबिक, लंबी अवधि में सोने की कीमत 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। हालांकि, ये बाजार के अनुमान हैं और वास्तविक कीमतें आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर अलग हो सकती हैं।
सितंबर में सोने की कीमत में आई गिरावट
विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत में करीब 13% की तेजी आई थी। भारत में भी सोने के भाव में लगभग 12% की तेजी देखी गई। हालांकि, सितंबर में अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3.9% और घरेलू बाजार में 4.6% नीचे आया है।
WGC के अनुसार, फेड की नीति को लेकर बदली उम्मीदों और गोल्ड ETF में कमजोर निवेश प्रवाह का असर कीमतों पर पड़ा है।
जेपी मॉर्गन को क्यों दिख रही है तेजी?
जेपी मॉर्गन के अनुसार, आने वाले समय में कई ऐसे कारक हैं जो सोने की कीमतों को समर्थन दे सकते हैं। इनमें केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, अमेरिकी डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों में संभावित बदलाव और अमेरिका की वित्तीय स्थिति प्रमुख हैं।
केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की खरीद लंबे समय से बाजार के लिए अहम सपोर्ट फैक्टर बनी हुई है। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं।
हालांकि, बैंक का अनुमान यह भी संकेत देता है कि सोने की कीमतों में तेजी का रास्ता सीधा नहीं होगा। डॉलर में मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।