Edited By Sahil Kumar,Updated: 19 Oct, 2026 06:38 PM
फोनपे का बड़ा एक कदम! कंपनी ने अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म 'शेयर.मार्किट' का नाम बदलकर 'फोनपे इन्वेस्ट' कर दिया है, ताकि यूज़र्स को एक ही भरोसेमंद ब्रांड नेम के साथ निवेश का एक बेहतर अनुभव मिल सके।
नई दिल्लीः फोनपे का बड़ा एक कदम! कंपनी ने अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म 'शेयर.मार्किट' का नाम बदलकर 'फोनपे इन्वेस्ट' कर दिया है, ताकि यूज़र्स को एक ही भरोसेमंद ब्रांड नेम के साथ निवेश का एक बेहतर अनुभव मिल सके।
शेयर.मार्किट अब फोनपे इन्वेस्ट हो गया है। इस बदलाव के साथ ही पेमेंट्स, लोन और इंश्योरेंस की तरह बेहतरीन रिसर्च-आधारित इन्वेस्टिंग सर्विस भी अब फोनपे के एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इसके ज़रिए निवेश अब फोनपे के करोड़ों यूज़र्स के लिए और भी आसान हो जाएगा, जिससे वेल्थ सर्विसेज एक बड़े वर्ग तक पहुँच सकेंगी।
इस नए बदलाव के तहत, फोनपे इन्वेस्ट अपने स्टॉक्स, IPO, म्यूचुअल फंड्स और F&O ऑफ़रिंग्स को हाल ही में लॉन्च हुए नए पोर्टफोलियो ऑप्टिमाइज़र के साथ जोड़ता है, जो एक ऑल-इन-वन पोर्टफोलियो इंटेलिजेंस टूल है। इसके ज़रिए यूज़र्स एक ही प्लेटफॉर्म पर अपना पोर्टफोलियो बनाने, रिव्यू करने और ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं।
निवेश करने से आगे बढ़कर 'पोर्टफोलियो ऑप्टिमाइज़र' आपकी पूरी इन्वेस्टिंग जर्नी को आसान बनाता है। यह नए यूज़र्स के लिए बेहद आसान एक टूल्स पेश करता है और अनुभवी निवेशकों को उनके पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने के लिए सटीक इंसाइट्स देता है।
पोर्टफोलियो ऑप्टिमाइज़र की क्षमताओं में शामिल हैं:
'बिल्ड'- यदि आप नए निवेशकों में से हैं, तो यह टूल आपको बिना किसी उलझन के सही दिशा दिखाता है, ताकि आप आत्मविश्वास से अपना पोर्टफोलियो तैयार कर सकें।
रिव्यु: निवेशकों के सभी डीमैट अकाउंट्स की पूरी जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी। यह आपके पोर्टफोलियो की हेल्थ और डाइवर्सिफिकेशन को चेक करता है और रिसर्च-बेस्ड होल्ड, मॉनिटर या सेल करने की सलाह देकर सही फैसले लेने में मदद करता है।
ऑप्टिमाइज़: निवेशकों को सिर्फ 'एक क्लिक' में अपने फोनपे इन्वेस्ट पोर्टफोलियो की हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है। निवेशक खराब प्रदर्शन करने वाले एसेट्स, सेक्टर कंसंट्रेशन से जुड़े जोखिमों और अपने पोर्टफोलियो पर असर डालने वाले दूसरे कारकों की पहचान कर सकते हैं और अपने पोर्टफोलियो को आसानी से रीबैलेंस करने के लिए बेहतर विकल्पों को चुन सकते हैं।
इस पूरे अनुभव का मूल आधार स्मार्ट पोर्टफोलियो डायग्नोस्टिक्स, व्यावहारिक इंसाइट्स और सटीक रेटिंग्स है। यह निवेशकों को समझने में मदद करते हैं कि उनके पोर्टफोलियो को क्या प्रभावित कर रहा है, ताकि वे सोच-समझकर बेहतर निर्णय ले सकें। एक्टिव निवेशकों के लिए 'पोर्टफोलियो ऑप्टिमाइज़र' खास फोनपे इन्वेस्ट ऐप के ज़रिए उपलब्ध होगा, जबकि आम यूज़र्स के लिए मुख्य फोनपे ऐप में आसान एंट्री पॉइंट्स और गाइडेड इन्वेस्टमेंट जर्नी भी शामिल की जाएंगी।
इस मौके पर PhonePe के फाउंडर और CPTO राहुल चारी ने कहा, "PhonePe Invest का लॉन्च हमारी वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को एक नए और बेहतर स्तर पर ले जाने वाला बड़ा कदम है। जैसे हम फोनपे की पहचान के साथ वेल्थ और ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म को एक साथ ला रहे हैं, फोनपे इन्वेस्ट ब्रांड सभी भारतीयों के लिए स्मार्ट इन्वेस्टिंग को सबके लिए आसान बनाने के हमारे मकसद को दिखाता है, ठीक वैसे ही जैसे हमने भारत के पेमेंट इकोसिस्टम को सबके लिए आसान बनाया है। हम ऐसे स्मार्ट प्रोडक्ट्स और टूल्स एक साथ ला रहे हैं, जिनकी मदद से निवेशक अपने पोर्टफोलियो बना सकेंगे, उनकी रिव्यु कर सकेंगे और उन्हें बेहतर बना सकेंगे। जैसे-जैसे भारत में ज़्यादा से ज़्यादा लोग अपनी वेल्थ क्रिएशन जर्नी शुरू कर रहे हैं, हमारा मकसद निवेश को आसान और ज़्यादा जानकारी वाला बनाना है, ताकि लोग अपने निवेश के फैसलों पर पूरा नियंत्रण रखते हुए भरोसे के साथ निवेश कर सकें।”
Share Market के मौजूदा यूज़र्स की डीमैट होल्डिंग्स, बैलेंस, वॉचलिस्ट, पुराने ऑर्डर (ऑर्डर हिस्ट्री) और लॉगिन क्रेडेंशियल्स नई पहचान के साथ सुरक्षित रहेंगे, और वे ज़्यादा इन्वेस्टिंग फ़ीचर्स के साथ आसानी से ट्रेडिंग जारी रख सकेंगे। इस बदलाव के साथ मौजूदा ब्रोकरेज स्ट्रक्चर, फ़ीस प्लान या सालाना मेंटेनेंस चार्ज (AMC) में कोई बदलाव नहीं होगा।