Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Nov, 2026 01:43 PM
Roop Chaturdashi 2026 Date & Puja Muhurat: कार्तिक माह में छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी की सही तिथि को लेकर संशय दूर करें। जानें 7 व 8 नवंबर की तिथियां, पूजा-दीपदान के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय।
Yam Deepdan 2026 Date & Puja Muhurat: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला छोटी दिवाली का पावन पर्व दीपावली से ठीक एक दिन पहले आता है। सनातन धर्म में इस पर्व को नरक चतुर्दशी, नरक चौदस, रूप चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन यमराज और भगवान श्री कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना के साथ दीपदान करने का विधान है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन यमदेव के नाम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का खतरा टलता है और नरक की यातनाओं व पापों से मुक्ति मिलती है।
छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) 2026: 7 या 8 नवंबर?
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ 7 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा। वहीं इस चतुर्दशी तिथि का समापन 8 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर होगा। उदयातिथि और शाम के पूजन विधान के अनुसार इस वर्ष छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) का त्योहार 7 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।
पूजा, दीपदान और अभ्यङ्ग स्नान का शुभ मुहूर्त
अभ्यङ्ग स्नान शुभ मुहूर्त: 8 नवंबर 2026 की सुबह 05:41 बजे से 06:38 बजे तक रहेगा।
चंद्रोदय समय: 7 नवंबर की शाम को चंद्रोदय का समय 5 बजकर 41 मिनट रहेगा।
गोधूलि मुहूर्त (दीपदान का श्रेष्ठ समय): शाम को 05:31 बजे से 05:57 बजे तक।
सायाह्न संध्या मुहूर्त: शाम 05:31 बजे से 06:50 बजे तक।

Chhoti Diwali Puja Vidhi छोटी दिवाली पूजा विधि: छोटी दीपावली की पूजा हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए। इस दौरान सबसे पहले कलश पर तिलक लगाकर पूजा की शुरुआत करें। हाथ में अक्षत और फूल लेकर मां लक्ष्मी और गणेश जी का ध्यान करें। फूल और अक्षत को श्री गणेश और लक्ष्मी जी की प्रतिमा पर अर्पित करें। फिर रोली, चंदन, अक्षत, माला, पहनाकर भगवान का ध्यान करें। उनके सामने खिल-खिलौने, बताशे, फल, मिठाई रखें और पूरा परिवार साथ मिलकर गणेश जी और लक्ष्मी जी की कथा सुने और फिर आरती करें।
Offer these offerings to Lord Ganesha and Maa Lakshmi on Chhoti Diwali गणेश जी और माता लक्ष्मी को छोटी दीपावली पर ये भोग चढ़ाएं: लक्ष्मी जी को मखाना, सिंघाड़े, बताशे, हलवा, खीर, अनार, पान के पत्ते, सफेद और पीले रंग के मिष्ठान जरूर अर्पित किए जाने चाहिए। छोटी दीपावली के दिन ये चीजें लक्ष्मी जी को चढ़ाने से घर में सुख-शांति आती है और मां लक्ष्मी अपना आशीर्वाद हमेशा बनाए रखती है। इसके अलावा गणपति जी और मां लक्ष्मी को घर में बनाई हुई गुजिया, पपड़ी, अनरसा और लड्डू का भोग भी लगाया जाना चाहिए।

Do these things on the night of Chhoti Diwali छोटी दिवाली की रात करें ये काम: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छोटी दिवाली की रात को मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और घर-घर विचरण करती हैं। जिन घरों में हर तरफ साफ-सफाई, सजावट और प्रकाश रहता है, वहां पर मां लक्ष्मी अपने अंश रूप में निवास करने लगती हैं। घर पर लक्ष्मी का वास होने पर सुख-समृद्धि, धन-दौलत और शांति बनी रहती है। अत: छोटी दिवाली आने से पहले घर को साफ-सुथरा रखें और रात को हर एक हिस्से में घी अथवा तेल का दीपक जलाकर रोशन करें। इससे धन की देवी मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और घर में धन के भंडार भरती हैं।
टूटी-फूटी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर घर के सकारात्मक वातावरण को प्रभावित करती हैं। छोटी दीपावली के शुभ दिन पर घर में किसी भी प्रकार की टूटी-फूटी या क्षतिग्रस्त वस्तु रखना अशुभ माना जाता है। ऐसी वस्तुओं के घर में होने से ही व्यक्ति को धन हानि और तनाव हो सकता है।
छोटी दीपावली के दिन ही घर के अंदर कूड़ा इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए इसलिए घर के अंदर कूड़ेदान रखने की भी मनाही है। छोटी दिवाली से पहले ही घर के सभी कचरे का निपटान करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। घर के अंदर कूड़ादान रखने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है।
छोटी दीपावली के दिन पुराने झाड़ू को हटाकर घर में नई झाड़ू लाएं। पुरानी झाड़ू नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती है। जिससे घर की साफ-सफाई और स्वच्छता प्रभावित हो सकती है।
