Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Jun, 2026 02:29 PM

शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी फिजिक्सवाला ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह छात्रों को सीधे वित्तपोषण (ऋण देने) के कारोबार से बाहर निकलने की योजना बना रही है और अब शिक्षा ऋण के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के साथ साझेदारी करेगी। यह कदम कंपनी की उस...
नई दिल्लीः शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी फिजिक्सवाला ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह छात्रों को सीधे वित्तपोषण (ऋण देने) के कारोबार से बाहर निकलने की योजना बना रही है और अब शिक्षा ऋण के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के साथ साझेदारी करेगी। यह कदम कंपनी की उस हालिया घोषणा के बाद आया है, जिसमें उसने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी फिनज फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड में 120 करोड़ रुपए के इक्विटी निवेश की बात कही थी।
कंपनी ने कहा, ''फिजिक्सवाला लिमिटेड अपनी ऋण रणनीति का पुनर्गठन कर रही है और छात्र ऋण की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई प्रमुख विनियमित तृतीय-पक्ष एनबीएफसी के साथ उसने समझौता किया है। यह निर्णय कंपनी के पहले के दृष्टिकोण को उलटता है और इसका उद्देश्य बही-खाते और ऋण से जुड़े जोखिमों को काफी कम करना है।'' फिजिक्सवाला के अनुसार, फिनज फाइनेंस की रणनीतिक दिशा का निर्णय निदेशक मंडल और अन्य नियामकीय मंजूरियों के बाद निकट भविष्य में किया जाएगा।
पीडब्ल्यू के सह-संस्थापक प्रतीक माहेश्वरी ने कहा, ''हमें अपने साझेदारों से यह प्रतिक्रिया मिली कि हमारी मुख्य ताकत समुदाय बनाना और ऑनलाइन कारोबार है। ऋण कारोबार को उन विनियमित एनबीएफसी के पास ही रहना चाहिए जिनकी 'अंडरराइटिंग' क्षमता मजबूत है।'' उन्होंने कहा, ''हम मानते हैं कि विवेकपूर्ण पूंजी आवंटन और शेयरधारक मूल्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और साझेदारों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर हमने अपने इस निर्णय की पुनर्समीक्षा की है तथा अब छात्र ऋण के लिए एनबीएफसी के माध्यम का विकल्प चुना है।'' सूत्रों के अनुसार, कंपनी फिनज फाइनेंस को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें उसकी बिक्री या लाइसेंस 'सरेंडर' करना भी शामिल है।