Edited By Tanuja,Updated: 03 Jun, 2026 05:15 PM

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं। 47 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ की हालत गंभीर बनी हुई है और वे वेंटिलेटर पर हैं। प्रारंभिक जांच में गंभीर अग्नि सुरक्षा खामियां सामने...
International Desk: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह हुए भीषण होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया। 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' नामक होटल में लगी आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं। हादसे में 47 लोग घायल हुए हैं, जबकि कई गंभीर रूप से झुलसने और धुएं के कारण दम घुटने से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। सुबह करीब 8:48 बजे मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग और धुआं पूरे भवन में फैल गया। दमकल विभाग और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया और 39 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
17 विदेशी नागरिकों की मौत
अधिकारियों के अनुसार मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के रहने वाले थे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब तक 18 मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें नौ पुरुष और नौ महिलाएं शामिल हैं। मैक्स हेल्थकेयर के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुधिराजा ने बताया कि आठ मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मरीजों को धुएं के कारण फेफड़ों में गंभीर चोटें आई हैं। कई लोगों के शरीर पर मामूली जलने के निशान हैं, जबकि एक मरीज 25 प्रतिशत से अधिक झुलसा है, जिसे सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में भेजा गया है।
जान बचाने के लिए ऊंची मंजिलों से कूदे लोग
डॉक्टरों के अनुसार कई घायल लोगों ने आग और धुएं से बचने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी थी। इसके कारण उन्हें रीढ़, पेल्विक बोन और लंबी हड्डियों में गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं। एक मरीज की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है और उसका न्यूरोसर्जरी उपचार चल रहा है।
होटल में मिलीं गंभीर सुरक्षा खामियां
दक्षिणी दिल्ली के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक ने बताया कि भवन में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। उन्होंने कहा कि होटल में केवल एक सीढ़ी और एक लिफ्ट थी। खिड़कियां पूरी तरह बंद थीं और धुएं के बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। आग लगने के बाद पूरा भवन चिमनी की तरह काम करने लगा, जिससे धुआं और गर्मी तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई और लोग अंदर फंस गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि भवन में कोई प्रभावी आंतरिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली मौजूद नहीं थी।
दमकल विभाग ने चलाया बड़ा बचाव अभियान
दमकल विभाग को सुबह 8:50 बजे आग लगने की सूचना मिली। शुरुआत में सात दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त गाड़ियां और अधिकारी मौके पर तैनात किए गए। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान 39 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लोकेश बजाज और उसके साझेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस होटल के स्वामित्व, संचालन और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपित दिल्ली में कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी संचालित करते हैं।