सेबी ने जून में 'स्कोर्स' मंच के जरिये 5,000 से अधिक निवेशकों की शिकायतों का निपटारा किया

Edited By Updated: 16 Jul, 2026 11:54 AM

sebi resolved over 5 000 investor complaints through its  scores

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने जून में अपनी ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली 'स्कोर्स' के माध्यम से 5,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया। यह जानकारी नियामक की ओर से जारी एक सूचना में दी गई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों

नई दिल्लीः पूंजी बाजार नियामक सेबी ने जून में अपनी ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली 'स्कोर्स' के माध्यम से 5,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया। यह जानकारी नियामक की ओर से जारी एक सूचना में दी गई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार, जून के अंत तक 'स्कोर्स' पर तीन महीने से अधिक समय से लंबित 17 शिकायतें थीं। इनमें आदित्य बिड़ला मनी लिमिटेड, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज और एचबीएल पावर सिस्टम्स जैसी इकाइयों से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। 

सेबी ने बुधवार को जारी सूचना में यह जानकारी दी कि जून में नियामक के शिकायत निवारण मंच पर 5,035 नई शिकायतें मिलीं जबकि 5,037 शिकायतों का निपटारा किया गया। इसके परिणामस्वरूप लंबित शिकायतों की संख्या घटकर 30 जून, 2026 तक 5,537 से 5,524 रह गईं। बाजार नियामक ने बताया कि जून में निवेशकों की शिकायतों पर संबंधित इकाइयों ने कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने में औसतन चार दिन का समय लिया जबकि पहली स्तर की समीक्षा वाली शिकायतों के निस्तारण में औसतन आठ दिन लगे। 

सेबी ने स्पष्ट किया कि लंबित शिकायतों की संख्या में वे शिकायतें भी शामिल हैं, जिनमें संबंधित इकाइयों या नामित निकायों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर निवेशकों को अपनी कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) सौंप दी है लेकिन शिकायतें इसलिए लंबित बनी हुई हैं क्योंकि निवेशक जवाब से असंतुष्ट होने पर उनकी समीक्षा का अनुरोध कर सकते हैं। 'स्कोर्स 2.0' के तहत शिकायतें स्वत: संबंधित इकाई को भेज दी जाती हैं और उसे निवेशक को कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) देने के लिए 21 दिन का समय मिलता है। यदि निवेशक जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो वह 15 दिन के भीतर प्रथम स्तर की समीक्षा का अनुरोध कर सकता है। 

इसके बाद नामित निकाय शिकायत की जांच कर अपनी कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। यदि इसके बाद भी निवेशक संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे अगले 15 दिन के भीतर दूसरे स्तर की समीक्षा का अनुरोध कर सकते हैं। ऐसे मामलों में सेबी स्वयं मामले की जांच कर अपनी कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। यदि निवेशक ऑनलाइन विवाद निवारण (ओडीआर) व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं, तो ऐसी शिकायतों को भी निपटाया हुआ माना जाता है। 

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