Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Oct, 2026 06:20 PM

सिस्को के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चक रॉबिन्स ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) की रफ्तार धीमी करने की कोशिशों से कामयाबी मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में इस प्रौद्योगिकी के विकास के साथ कदम मिलाते हुए सुरक्षा व्यवस्था और...
नई दिल्लीः सिस्को के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चक रॉबिन्स ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) की रफ्तार धीमी करने की कोशिशों से कामयाबी मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में इस प्रौद्योगिकी के विकास के साथ कदम मिलाते हुए सुरक्षा व्यवस्था और बचाव के उपायों को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
दुनियाभर में एआई के विकास पर रोक लगाने की मांग और अनियंत्रित एआई से मानवता को संभावित गंभीर नुकसान होने की वैज्ञानिकों की चेतावनियों के बीच रॉबिन्स ने कहा, "मुझे लगता है कि सब ठीक रहेगा।'' उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि एआई की रफ्तार धीमी करनी चाहिए या नहीं इस पर बहस हो रही है। आप इसकी रफ्तार धीमी नहीं कर पाएंगे। मेरा मतलब है कि मुझे नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है।" रॉबिन्स ने कहा कि एआई से निपटने के लिए सुरक्षा एवं बचाव के उपायों को भी उसी गति से या उससे तेज आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम सुरक्षा एवं बचाव के पहलुओं को मजबूत करें और एआई की तेज रफ्तार के अनुरूप तैयारी के लिए जरूरी सभी कदम उठाएं। हमें उसी गति से या उससे तेज आगे बढ़ना होगा। मेरा मानना है कि हमें इसी पर ध्यान देना चाहिए।" सिस्को के प्रमुख ने कहा कि एआई मॉडल जारी करने और उनके इस्तेमाल पर सुरक्षा सीमाएं तय करने के लिए स्पष्ट नियम होने चाहिए। सरकारों और कंपनियों को भी यह पता होना चाहिए कि इस क्षेत्र में क्या हो रहा है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल अधिक गंभीर जोखिम यह है कि एआई मॉडल ग्राहकों की साइबर सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी खामियों को उजागर कर रहे हैं। इनमें पासवर्ड का उचित प्रबंधन, सॉफ्टवेयर में सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए नियमित अपडेट और ऐसे प्रौद्योगिकी उत्पादों का इस्तेमाल शामिल है, जिनके लिए सहायता एवं सुरक्षा अपडेट देने की आखिरी मियाद बित चुकी है।
रॉबिन्स ने कहा, "सुरक्षा सीमाएं जरूरी हैं और जोखिमों को समझना भी बेहद अहम है लेकिन हमें सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, प्रभावी सुरक्षा सीमाएं तय करने और साइबर सुरक्षा की बुनियादी प्रक्रियाओं पर ध्यान देना होगा।" रॉबिन्स ने कहा कि वे कंपनियां सफल होंगी जो एआई का इस्तेमाल केवल लागत घटाने के बजाय अपने कामकाज और उत्पादों से मिलने वाले मूल्य को बढ़ाने के लिए करेंगी।