Edited By jyoti choudhary,Updated: 17 Jun, 2026 11:35 AM

देशभर में टोल वसूली व्यवस्था को अधिक आधुनिक और डिडिटल बनाने के दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। नई योजना के तहत टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए डिजिटल ई-पास की सर्विस शुरू की जा सकती है, जिससे उन्हें बार-बार टोल टैक्स देने...
बिजनेस डेस्कः देशभर में टोल वसूली व्यवस्था को अधिक आधुनिक और डिडिटल बनाने के दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। नई योजना के तहत टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए डिजिटल ई-पास की सर्विस शुरू की जा सकती है, जिससे उन्हें बार-बार टोल टैक्स देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासियों के लिए विशेष डिजिटल पास जारी करने पर विचार कर रही है। यह पास सीधे FASTag से जुड़ा होगा और इसके जरिए स्थानीय लोग बिना किसी रुकावट के टोल प्लाजा पार कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इस सुविधा के लिए मंथली और सालाना दोनों तरह के पास उपलब्ध कराए जाएंगे। इस सुविधा के लिए मासिक और वार्षिक पास उपलब्ध कराए जाने की संभावना है।
क्या है बिना बैरियर वाला टोल सिस्टम?
इसके साथ ही सरकार मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक को तेजी से लागू करने की तैयारी कर रही है। इस तकनीक से टोल प्लाजा पर पारंपरिक बैरियर की जरूरत नहीं होती। सड़क पर लगे कैमरे और सेंसर वाहन के FASTag को स्कैन कर अपने आप टोल टैक्स काट लेते हैं। पूरा प्रोसेस कुछ सेकंड में पूरी हो जाती है और वाहन को रुकना नहीं पड़ता।
अगर किसी वाहन का टोल भुगतान नहीं हो पाता है तो सिस्टम खुद नोटिस जारी कर सकता है। इस तकनीक का मकसद ट्रैफिक जाम कम करना और यात्रा का समय बचाना है। फिलहाल देश के कुछ चुनिंदा टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था लागू है और अब इसे बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
कई राज्यों में होगा शुरू
सरकार आने वाले समय में कई नए टोल प्लाजा पर MLFF सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर रही है। हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में इस तकनीक को लागू करने की योजना है।