Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Feb, 2026 04:31 PM

डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऑनलाइन ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय बैंक जल्द ही ऐसे मामलों में ग्राहकों को आर्थिक मदद देने के लिए नए नियम ला सकता है। प्रस्तावित नियमों के तहत...
बिजनेस डेस्कः डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऑनलाइन ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय बैंक जल्द ही ऐसे मामलों में ग्राहकों को आर्थिक मदद देने के लिए नए नियम ला सकता है। प्रस्तावित नियमों के तहत छोटे ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर ग्राहकों को अधिकतम 25,000 रुपए तक का मुआवजा मिल सकेगा।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि इस संबंध में जल्द ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। यह पहल डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाने और ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग फ्रॉड में ग्राहक की जिम्मेदारी से जुड़े पुराने नियमों की भी समीक्षा की जाएगी।
मुआवजे के नियम क्या होंगे
नए प्रस्ताव के अनुसार मुआवजा सिर्फ एक बार मिलेगा, ताकि ग्राहक सतर्क रहें और बार-बार लापरवाही न हो। ग्राहक को नुकसान की रकम का 85% या अधिकतम 25,000 रुपए जो भी कम होगा- उतना ही मुआवजा दिया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी का 50,000 रुपए का फ्रॉड होता है तो 85% के हिसाब से 42,500 रुपए बनते हैं लेकिन अधिकतम सीमा 25,000 रुपए होने के कारण उतनी ही रकम मिलेगी। वहीं 20,000 रुपए के नुकसान पर करीब 17,000 रुपए का मुआवजा मिल सकता है।
फ्रॉड के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता
RBI के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में कार्ड और इंटरनेट से जुड़े 13,469 फ्रॉड मामलों में करीब 5.2 अरब रुपए का नुकसान हुआ। इससे पहले 2023-24 में 29,080 मामलों में 14.57 अरब रुपए की ठगी दर्ज की गई थी।
कुल मिलाकर, RBI का यह कदम ऑनलाइन धोखाधड़ी से पीड़ित ग्राहकों को राहत देने और डिजिटल बैंकिंग सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।