छोटे कारोबारियों को RBI ने दी बड़ी राहत, कोलैटरल-फ्री लोन सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 12:26 PM

rbi has given significant relief to small businesses increasing collateral free

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। RBI ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSE) के लिए कोलैटरल-फ्री लोन की सीमा को दोगुना करते हुए 10 लाख रुपए...

बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। RBI ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSE) के लिए कोलैटरल-फ्री लोन की सीमा को दोगुना करते हुए 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया है।

यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और उस तारीख के बाद स्वीकृत या रिन्यू होने वाले सभी लोन पर लागू रहेगा। इस फैसले का मकसद छोटे उद्यमियों को बिना गिरवी के ज्यादा कर्ज उपलब्ध कराना, औपचारिक बैंकिंग तक उनकी पहुंच बढ़ाना और उद्यमिता को प्रोत्साहन देना है।

छोटे कारोबारियों को कैसे मिलेगा फायदा

अब जिन छोटे व्यापारियों के पास गिरवी रखने के लिए संपत्ति नहीं होती, वे भी आसानी से बैंक से 20 लाख रुपए तक का लोन ले सकेंगे। इससे उन्हें मशीनरी खरीदने, स्टॉक बढ़ाने और कारोबार विस्तार में मदद मिलेगी। पहले गिरवी की कमी के कारण कई उद्यमियों को महंगे अनौपचारिक कर्ज का सहारा लेना पड़ता था।

एमएसएमई सेक्टर को मजबूती

एमएसएमई सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और करोड़ों लोगों को रोजगार देता है। माइक्रो एंटरप्राइज में प्लांट एवं मशीनरी में निवेश 2.5 करोड़ रुपए तक और टर्नओवर 10 करोड़ रुपए तक होता है, जबकि स्मॉल एंटरप्राइज में निवेश 25 करोड़ रुपए तक और टर्नओवर 100 करोड़ रुपए तक हो सकता है।

RBI का मानना है कि इस फैसले से छोटे उद्योगों को औपचारिक क्रेडिट सिस्टम से जोड़ने में मदद मिलेगी, कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
 

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