Edited By jyoti choudhary,Updated: 09 Apr, 2026 06:03 PM

जनवरी के अंत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद फरवरी में थोड़ी नरम पड़ीं। इस गिरावट का फायदा उठाते हुए दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों ने जमकर सोना खरीदा। World Gold Council के अनुसार, फरवरी में सेंट्रल बैंकों ने कुल 27 टन सोने की नेट...
बिजनेस डेस्कः जनवरी के अंत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद फरवरी में थोड़ी नरम पड़ीं। इस गिरावट का फायदा उठाते हुए दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों ने जमकर सोना खरीदा। World Gold Council के अनुसार, फरवरी में सेंट्रल बैंकों ने कुल 27 टन सोने की नेट खरीदारी की, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा सिर्फ 6 टन था। खास बात यह है कि यह लगातार 23वां महीना है जब सेंट्रल बैंक गोल्ड के नेट खरीदार बने हुए हैं।
पोलैंड सबसे आगे, तेजी से बढ़ा गोल्ड रिजर्व
फरवरी में पोलैंड ने सबसे ज्यादा 20 टन सोना खरीदा। यह करीब एक साल में उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद है। इसके साथ ही पोलैंड का गोल्ड रिजर्व बढ़कर 570 टन हो गया है, जो उसके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 31% है। पोलैंड के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने 700 टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वहीं भारत का गोल्ड रिजर्व करीब 880 टन है, जो कुल रिजर्व का 15.17% है।
किन देशों ने खरीदा सोना?
पोलैंड के अलावा कई देशों ने फरवरी में अपनी गोल्ड होल्डिंग बढ़ाई:
- Uzbekistan – 8 टन
- Kazakhstan – 8 टन
- Czech Republic – 2 टन
- Malaysia – 2 टन
- China – 1 टन
- Cambodia – 1 टन
उजबेकिस्तान ने लगातार पांचवें महीने सोना खरीदा, जिससे उसका रिजर्व 407 टन (कुल का 88%) हो गया। वहीं चेक गणराज्य ने लगातार 36वें महीने गोल्ड रिजर्व बढ़ाया।
किसने बेचा सोना?
जहां ज्यादातर देशों ने खरीदारी की, वहीं कुछ देशों ने अपने भंडार से सोना बेचा भी:
- Turkey – 8 टन बिक्री
- Russia – 6 टन बिक्री
तुर्की ने अपनी मुद्रा लीरा को संभालने और वित्तीय दबाव कम करने के लिए बड़े पैमाने पर सोना बेचा और गोल्ड के खिलाफ लोन भी लिया।
चीन की लगातार खरीदारी जारी
China ने लगातार 16वें महीने सोना खरीदा है। इसके साथ उसका कुल गोल्ड रिजर्व 2,308 टन तक पहुंच गया है, जो उसके कुल विदेशी भंडार का करीब 10% है।