Why gold price Hike: अचानक क्यों महंगा हुआ सोना? ग्लोबल बाजार के साथ भारत में भी बढ़े दाम

Edited By Updated: 03 Jul, 2026 05:56 PM

why gold price rise prices have increased in india and global markets

कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखनो को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड करीब 1.62% की बढ़त के साथ

बिजनेस डेस्कः कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखनो को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड करीब 1.62% की बढ़त के साथ 4,192.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही सोना करीब 2.3% की साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है, जो पिछले मई के आखिर के बाद पहली साप्ताहिक तेजी होगी। एमसीएक्स पर भी सोने में बढ़त देखने को मिली और कीमतें 1.30 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 1.47 लाख रुपए के पार पहुंच गई।

क्यों आई सोने में तेजी? 

अमेरिका में जून के गैर-कृषि रोजगार (Nonfarm Payrolls) के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। जून में केवल 57,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि बाजार को 1.15 लाख नौकरियों की उम्मीद थी। कमजोर आंकड़ों के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी से बच सकता है। 

रिकवरी के बावजूद रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे

हालांकि हालिया तेजी के बावजूद इस वर्ष सोने पर दबाव बना हुआ है। मजबूत डॉलर, ऊंची महंगाई और केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीति के कारण सोने ने जून तिमाही में पिछले 13 वर्षों का सबसे कमजोर प्रदर्शन दर्ज किया। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 22 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।

विशेषज्ञों की नजर लंबी अवधि पर

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पहली छमाही में दबाव झेलने के बाद भी लंबी अवधि में सोने की संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं। Goldman Sachs ने दिसंबर 2026 के लिए सोने का लक्ष्य 5,400 डॉलर से घटाकर 4,900 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। हालांकि संशोधित अनुमान भी मौजूदा स्तर से 15 फीसदी से अधिक संभावित बढ़त का संकेत देता है।

बैंक का कहना है कि यदि अमेरिकी ब्याज दरों में नरमी आती है, डॉलर कमजोर होता है और वास्तविक बॉन्ड यील्ड घटती है, तो वर्ष की दूसरी छमाही में सोने की कीमतों में फिर से मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!