Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Jul, 2026 06:20 PM

कई सप्ताह की कमजोरी के बाद इस हफ्ते वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है। मई के बाद पहली बार सोने ने साप्ताहिक आधार पर मजबूत बढ़त दर्ज की है। अंततरराष्ट्रीय बाजार में इस हफ्ते गोल्ड 2.2 फीसदी की तेजी के साथ 4200
बिजनेस डेस्कः कई सप्ताह की कमजोरी के बाद इस हफ्ते वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है। मई के बाद पहली बार सोने ने साप्ताहिक आधार पर मजबूत बढ़त दर्ज की है। अंततरराष्ट्रीय बाजार में इस हफ्ते गोल्ड 2.2 फीसदी की तेजी के साथ 4200 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी सोना और चांदी दोनों में तेजी बनी रही।
इन वजहों से आई गोल्ड में तेजी
गोल्ड़ की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें घटी है। जून के रोजगार आंकड़ों के बाद यह संभावना कमजोर हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की बढ़ती खरीदारी ने भी कीमतों को सहारा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 जुलाई को स्पॉट गोल्ड लगभग 4,176.94 डॉलर प्रति औंस और चांदी 62.42 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। वहीं, भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर्स 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,47,365 रुपए प्रति 10 ग्राम और सिल्वर फ्यूचर्स 2.11 प्रतिशत चढ़कर 2,34,081 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
जेपी मॉर्गन ने दिया 4500 डॉलर का टारगेट
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां मौजूदा रुख पर बनी रहती हैं तो सोने की कीमतों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन ने चौथी तिमाही में सोने के 4,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान जताया है। बैंक का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग लंबी अवधि में सोने को समर्थन देती रहेगी।
विश्लेषकों का यह भी कहना है कि आने वाले समय में वैश्विक ब्याज दरों, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।