रेलवे ट्रैक : पिछले 3 साल के मुकाबले 2019 में हुए सबसे अधिक हादसे

Edited By Updated: 01 Jan, 2020 10:27 AM

railway track accidents

रेलवे की ओर से रेलवे ट्रैक पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई कोशिशें की जाती हैं लेकिन चंडीगढ़ जी.आर.पी. के अंडर आने वाले एरिया में एक्सीडैंट और सुसाइड केसो में कोई कमी नहीं आई है।

चंडीगढ़(लल्लन) : रेलवे की ओर से रेलवे ट्रैक पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई कोशिशें की जाती हैं लेकिन चंडीगढ़ जी.आर.पी. के अंडर आने वाले एरिया में एक्सीडैंट और सुसाइड केसो में कोई कमी नहीं आई है। वर्ष 2018 के मुकाबले इस साल में ऐसे 8 अधिक मामले सामने आए हैं। 

रेलवे हादसों को रोकने के लिए हर साल जागरूकता अभियान चलाता है। लाखों रुपए खर्चे जाते हैं लेकिन इसका फायदा नजर नहीं आ रहा। वहीं, सुसाइड के लिए भी लोग रेलवे ट्रैक को ही चुने रहे हैं। इस साल रेलवे ट्रैक पर जितनी मौतें हुई हैं, उनमें 27 आत्महत्याएं हैं।

2019 में मामलों की संख्या 79 :
वर्ष 2018 में कुल 71 हादसे व आत्महत्याओं के केस सामने आए थे लेकिन साल 2019 में यह आंकड़ा 79 हो गया। इस साल रेल एक्सीडैंट 52 और 27 सुसाइड के केस हुए। इन आंकड़ों को लेकर रेलवे के भी होश उड़े हुए हैं। हादसों को रोकने के लिए अलग नीति तैयार की जा रही है। 

      ये हैं आंकड़े
वर्ष            हादसे व सुसाइड
2016          67
2017         70 
2018         71
2019         79
 

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