छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएफआरडीए से 17,240 करोड़ रुपए लौटाने की मांग की

Edited By PTI News Agency,Updated: 21 May, 2022 02:45 PM

pti chhattisgarh story

रायपुर, 21 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को पत्र लिखकर नवीन पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार के योगदान की कुल राशि का वर्तमान बाजार मूल्य 17,240 करोड़ रुपए लाटाने की मांग की है। राज्य के...

रायपुर, 21 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को पत्र लिखकर नवीन पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार के योगदान की कुल राशि का वर्तमान बाजार मूल्य 17,240 करोड़ रुपए लाटाने की मांग की है। राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का फैसला किया है। इस फैसले को क्रियान्वित करने के लिए राज्य की वित्त सचिव अलरमेलमंगई डी. ने पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम (पीएफआरडीए) नयी दिल्ली के अध्यक्ष को शुक्रवार को पत्र लिखा।

उन्होंने पत्र में कहा है कि नवीन पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार के योगदान की कुल राशि (नियोक्ता और कर्मचारी संयुक्त हिस्सेदारी) का वर्तमान बाजार मूल्य 17,240 करोड़ रुपए है। यह राशि छत्तीसगढ़ सरकार को शीघ्र लौटाई जाए।

अधिकारियों ने बताया कि वित्त सचिव अलरमेलमंगई डी ने पीएफआरडीए, नयी दिल्ली के अध्यक्ष को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल में नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का निर्णय लिया है।

राज्य मंत्रिमंडल ने एक मई, 2022 की अपनी बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी है। इसके अलावा, पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है। कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) खातों में नियोक्ता और कर्मचारी का मासिक अंशदान भी एक अप्रैल, 2022 से बंद कर दिया गया है।

वित्त सचिव ने कहा है कि एनपीएस के साथ पंजीकृत प्रत्येक कर्मचारी के लिए एक नया जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) खाता राज्य सरकार द्वारा खोला गया है। सरकारी कर्मचारियों के वेतन से मूल वेतन का न्यूनतम 12 प्रतिशत काटा जाएगा, जो कि सामान्य भविष्य निधि नियम के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्य निधि खातों में जमा होगा। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) से प्राप्त होने वाली एनपीएस खातों में की गई सरकारी अंशदान की राशि का वर्तमान बाजार मूल्य भविष्य की पेंशन देनदारियों को पूरा करने के लिए उपयोग किया जाएगा और राज्य सरकार के लोक लेखा के तहत अलग पेंशन निधि में रखा जाएगा। इसके अलावा, पिछले वित्तीय वर्ष की पेंशन देनदारियों के चार प्रतिशत के बराबर की राशि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में इस पेंशन फंड में निवेश की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि वित्त सचिव ने यह भी अवगत कराया है कि कर्मचारियों द्वारा उनके एनपीएस खातों में योगदान की गई मूल राशि कर्मचारियों के छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्य निधि खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी और इस पर छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्य निधि के नियमों के तहत राज्य सरकार द्वारा एक नवंबर 2004 से समय-समय पर जारी ब्याज संबंधी निर्देशों के अनुसार ब्याज देय होगा।

उन्होंने कहा कि एनपीएस में किए गए कर्मचारी अंशदान के वर्तमान बाजार मूल्य में अंतर और कर्मचारियों द्वारा योगदान की गई मूल राशि का उपयोग कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि खातों में देय ब्याज को क्रेडिट करने के लिए किया जाएगा।

राज्य शासन की सचिव ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा एक नवंबर 2004 से 31 मार्च 2022 की अवधि के दौरान 11,850 करोड़ रुपए (कर्मचारी और नियोक्ता योगदान) एनएसडीएल को हस्तांतरित किया गया है। एनएसडीएल से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस राशि का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 17,240 करोड़ रुपए है।

अधिकारियों ने बताया कि वित्त सचिव ने एनएसडीएल को राज्य द्वारा योगदान की गई कुल राशि (नियोक्ता और कर्मचारी हिस्सेदारी संयुक्त) का वर्तमान बाजार मूल्य छत्तीसगढ़ सरकार को वापस करने के लिए पीएफआरडीए से अनुरोध किया है ताकि राज्य सरकार राशि के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर सके।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Trending Topics

West Indies

137/10

26.0

India

225/3

36.0

India win by 119 runs (DLS Method)

RR 5.27
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!