शिक्षा और दिव्यांगजन समावेशन के लिए 4 स्टार्टअप्स को मिला अनुदान, विजेता घोषित

Edited By Updated: 20 Jun, 2026 05:06 PM

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कामयाब ग्रांट्स 2026 के तहत 4 उभरते स्टार्टअप्स को कुल 16 लाख रुपये की इक्विटी-फ्री ग्रांट दी गई। शिक्षा, पहुंच और दिव्यांगजन समावेशन पर काम कर रहे इन उद्यमियों को IIT दिल्ली में सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। शिक्षा, पहुंच (Accessibility), सहायक तकनीक (Assistive Technology) और दिव्यांगजन समावेशन के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित कामयाब ग्रांट्स 2026 के तहत 4 उभरते उद्यमियों को कुल 16 लाख रु की इक्विटी-फ्री ग्रांट प्रदान की गई है। यह पहल उद्यमी और निवेशक अजय गुप्ता के नेतृत्व में हम होंगे कामयाब फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है। नई दिल्ली स्थित आईआईटी दिल्ली के आर एंड आई ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह मुख्य अतिथि और लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

देशभर से मिले 300 से अधिक आवेदन

कामयाब ग्रांट्स 2026 के लिए 8 मार्च से 25 मार्च तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस दौरान देश के 25 से अधिक राज्यों और 100 से ज्यादा शहरों से 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। चयन प्रक्रिया के दौरान 550 से अधिक संस्थापकों और स्टार्टअप्स से संवाद किया गया, जबकि 278 प्रतिभागियों ने विस्तृत पिच डेक प्रस्तुत किए।

आवेदनों में लगभग 29 प्रतिशत महिला उद्यमियों की भागीदारी रही। वहीं 50 से अधिक स्टार्टअप्स ऐसे थे, जो दिव्यांगजनों के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं। चयन प्रक्रिया में आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े उद्यमियों ने भी हिस्सा लिया। प्रारंभिक स्क्रीनिंग और विस्तृत मूल्यांकन के बाद चयनित उद्यमियों ने संस्थापक, बिजनेस असेसमेंट और पिचिंग सत्रों में भाग लिया।

ये सत्र लखनऊ, जयपुर और नई दिल्ली में आयोजित किए गए। अंतिम चयन नवाचार, समस्या समाधान क्षमता, सामाजिक प्रभाव, विस्तार की संभावना और दीर्घकालिक स्थिरता को ध्यान में रखकर किया गया।

ये हैं कामयाब ग्रांट्स 2026 के विजेता
1. सुनील चौधरी – द एक्सेसिबल नेशन (TAN), जयपुर-  अनुदान राशि: ₹5 लाख

द एक्सेसिबल नेशन एक एक्सेसिबिलिटी-फर्स्ट प्लेटफॉर्म है, जिसे दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और डिजिटल तकनीक के सीमित उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सेवाओं तक आसान और स्वतंत्र पहुंच उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है।

2. श्रद्धा अग्रवाल – साइनसेतु- अनुदान राशि: ₹5 लाख
साइनसेतु एक डेफ-केंद्रित एडटेक प्लेटफॉर्म है, जो सांकेतिक भाषा और इंटरैक्टिव शिक्षण के माध्यम से श्रवण बाधित व्यक्तियों को अंग्रेजी पढ़ने और लिखने में मदद करता है।

3. अभिषेक भारद्वाज – ग्लिम्प्सटेक प्राइवेट लिमिटेड, कानपुर  - अनुदान राशि: ₹3 लाख
ग्लिम्प्सटेक ने कम दृष्टि वाले लोगों के लिए एआई आधारित विजन एन्हांसमेंट तकनीक विकसित की है, जो उन्हें पढ़ने, दिशा-निर्देशन प्राप्त करने और दैनिक कार्यों को अधिक आत्मनिर्भरता के साथ करने में सहायता करती है।

4. जतिन बंसल – एग्जामप्रेडिक्ट, जयपुर- अनुदान राशि: ₹3 लाख
एग्जामप्रेडिक्ट एक एआई-संचालित प्लेटफॉर्म है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को संभावित प्रश्नों का विश्लेषण, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सहायता प्रदान करता है।

हम होंगे कामयाब फाउंडेशन के संस्थापक अजय गुप्ता ने कहा, “भारत का भविष्य उन उद्यमियों द्वारा आकार दिया जाएगा जो नवाचार, उद्देश्य और दृढ़ संकल्प के साथ वास्तविक समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। कामयाब ग्रांट्स का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि ऐसा सहयोगी माहौल तैयार करना है, जहां युवा उद्यमी अपने विचारों को विकसित कर सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।”

विजेताओं को मेंटरशिप का लाभ

अनुदान राशि के अलावा चयनित उद्यमियों को अनुभवी उद्यमियों और विशेषज्ञों से मेंटरशिप, व्यापक पहचान, 1,300 से अधिक स्कूलों और विश्वविद्यालयों के नेटवर्क तक पहुंच तथा संभावित सहयोग और साझेदारी के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 8 अन्य नवाचारकर्ताओं को ‘कामयाब वॉच लिस्ट 2026’ में शामिल कर सम्मानित किया गया। यह सूची उन स्टार्टअप्स को पहचान देती है जिन्होंने चयन प्रक्रिया के दौरान उल्लेखनीय क्षमता और सामाजिक प्रभाव की संभावना दिखाई।

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