Water ATMs in Delhi: दिल्ली को मिलेंगे 250 वॉटर ATM, 58 करोड़ की योजना, स्कूलों से होगी शुरुआत

Edited By Updated: 29 Jul, 2026 03:54 PM

the government will install 250 water atm across delhi

दिल्ली में लोगों को साफ पानी आसानी से मिले इसके लिए सरकार ने बड़ा प्लान बनाया है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आज कई नई परियोजनाओं की घोषणा की। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आज कहा कि दिल्ली सरकार की राष्ट्रीय राजधानी में 58 करोड़ रुपये की लागत...

नई दिल्ली : दिल्ली में लोगों को साफ पानी आसानी से मिले इसके लिए सरकार ने बड़ा प्लान बनाया है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आज कई नई परियोजनाओं की घोषणा की। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आज कहा कि दिल्ली सरकार की राष्ट्रीय राजधानी में 58 करोड़ रुपये की लागत से 250 'वॉटर एटीएम' लगाने की योजना है। सिंह ने कहा, हमने (जल) बोर्ड की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। हम सरकारी स्कूलों से इसकी शुरुआत करेंगे। 

दिल्ली जल बोर्ड ने 2,000 करोड़ रुपये की लागत से 15 विकेन्द्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (डीएसटीपी) स्थापित करने की परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह परियोजना कुल सीवेज उपचार क्षमता को लगभग 103.5 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रति दिन) तक बढ़ाने में मदद करेगी। यमुना को साफ करने के लिए सरकार ने नजफगढ़ नाले की उसी स्थान पर सफाई और उपचार की योजना को मंजूरी दी है। 

नजफगढ़ नाला यमुना में प्रदूषण फैलाने वाले सबसे बड़े स्रोतों में गिना जाता है। उन्होंने कहा, हमने नजफगढ़ और दिल्ली गेट नाले के उसी स्थान पर( इन-सीटू) अपशिष्ट जल उपचार के लिए 65 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी है। इस बाबत काम तीन साल के लिए दिया जाएगा और भुगतान प्रदर्शन-आधारित होगा। 

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हाल में, कच्चे पानी की कम उपलब्धता के कारण शहर को जल आपूर्ति की समस्याओं का सामना करना पड़ा। सिंह ने कहा, कच्चे पानी के भंडारण को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए वजीराबाद तालाब क्षेत्र के पुनरुद्धार की परियोजना को भी मंजूरी दे दी गई है। अब हम तालाब क्षेत्र की ग्रहण क्षमता को एक दिन से बढ़ाकर दो-तीन दिन करने की योजना बना रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड ने आईआईटी रुड़की की उस शुरुआती अध्ययन रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी है जिसमें मुनक रेगुलेटर से हैदरपुर तक मुख्य पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव है। उनके मुताबिक इस पाइपलाइन के जरिए 1,050 क्यूसेक पानी पहुंचाया जाएगा और इस परियोजना की अनुमानित लागत 7,240 करोड़ रुपये है। 

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