Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 Nov, 2026 07:46 AM
1984 में हुए सिखों के नरसंहार को हिंदुस्तान कभी नहीं भूलेगा। इस नरसंहार के लिए कांग्रेस ने आज तक माफी नहीं मांगी। आज जब 1 नवम्बर की कत्ल-ए-आम वाली वह काली तारीख है तो कांग्रेस रैली कर रही है।
नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): 1984 में हुए सिखों के नरसंहार को हिंदुस्तान कभी नहीं भूलेगा। इस नरसंहार के लिए कांग्रेस ने आज तक माफी नहीं मांगी। आज जब 1 नवम्बर की कत्ल-ए-आम वाली वह काली तारीख है तो कांग्रेस रैली कर रही है। इससे सिख समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह बातें भाजपा और सिख नेताओं ने हरिनगर में आयोजित कांग्रेस विरोधी सभा में कहीं। सभा में केन्द्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली भाजपा के प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, सह प्रभारी दर्शना जरदोश, दिल्ली के मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार एचएस फुल्का, सांसद सरदार विक्रमजीत सिंह साहनी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, दिल्ली के मंत्री आशीष सूद, विधायक सरदार अरविंदर सिंह लवली, सरदार तरविंदर सिंह मारवाह, श्याम शर्मा, राजीव बब्बर, प्रदेश मंत्री सरदार गुरमीत सिंह सूरा आदि ने सभा को सम्बोधित किया। सभा के आयोजन में विजय सोलंकी, विष्णु मित्तल, मोहनलाल गिहारा, पश्चिम जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश बख्शी, महामंत्री सरदार चरणजीत सिंह लवली एवं मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, योगिता सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी सदस्य सरदार जसमेन सिंह नोनी, सरदार बलबीर सिंह, सरदार कुलतारण सिंह, सरदार आत्मा सिंह लुभाना एवं सरदार गुरमीत सिंह भाटिया, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह, विधायक पवन शर्मा, करतार सिंह तंवर, गजेन्द्र दराल, कुलदीप सोलंकी, प्रदुमन राजपूत, कैलाश गंगवाल, उमंग बजाज एवं गजेन्द्र यादव, निगम पार्षद सरदार अर्जुन सिंह मारवाह, हरीश ओबेरॉय, सरदारनी शिल्पा कौर, उर्मिला चावला, राजकुमार लाडी एवं शशि तलवार, भाजपा प्रदेश पदाधिकारी विनोद बछेती, शुभेन्दू शेखर अवस्थी, यासिर जिलानी, ललित जोशी, सत्येन्द्र सिंह, बृजेश राय आदि उपस्थित रहे। सभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि 1984 में सिख समाज के साथ जो हुआ, उसकी जिम्मेदारी से कांग्रेस और गांधी परिवार के लोग बच नहीं सकते। वर्ष 1975 में आपातकाल और 1984 की सिख विरोधी हिंसा को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए कांग्रेस को जवाब देना होगा। यहां उपस्थित सिख भाई-बहन कांग्रेस, उसके सहयोगी दलों से जवाब मांग रहे हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 1984 के सिख नरसंहार को कांग्रेस की सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने स्वयं सड़कों पर खड़े होकर सिख परिवारों के घरों की पहचान की और नरसंहार को अंजाम दिलाया। एचकेएल भगत और सज्जन कुमार सहित कई कांग्रेस नेताओं की भूमिका इस घटना में सामने आई। उन्होंने कहा कि लगातार 72 घंटे तक सिखों का कत्लेआम किया गया। हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 1984 के नरसंहार की बरसी पर जानबूझकर रैली आयोजित कर राहुल गांधी पीड़ित परिवारों के पुराने जख्मों पर नमक छिड़का है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह राजीव गांधी ने कहा था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है, राहुल गांधी ने दंगों की काली तारीख पर रैली करके उसी मानसिकता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित एसआईटी के कारण 1984 के नरसंहार के दोषियों को सजा मिल सकी। यशपाल को मृत्युदंड और नरेश शेरावत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पीड़ित परिवारों के लगभग 250 सदस्यों को नौकरी दिलाई है और अब पीड़ित परिवारों की तीसरी पीढ़ी को भी नौकरी देने का निर्णय लिया है। हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि सोमवार को भी बंगला साहिब गुरुद्वारे तक दीप मार्च निकाला जाएगा।
1984 के नरसंहार की स्मृति में गुरुद्वारा बंगला साहिब में बनाए गए स्मारक तक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। उन्होंने सभी माताओं और बहनों से अपील की कि वे कल सुबह 11:00 बजे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हों। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले अधिवक्ता एचएस फुल्का ने कहा कि 1984 में जिस तरह से सेवानिवृत्त सैनिकों और 51 सेवारत सैनिकों की बेरहमी से हत्या की गई, वह बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण था।
राज्यसभा सांसद सरदार विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा की मेरे अपने परिवार ने अनेक सदस्यों की हत्या का घाव सहा है और मैं मानता हूं की इतने वर्ष बाद दिल्ली में आई भाजपा सरकार से पीड़ित परिवारों को बहुत उम्मीद है। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील करता हूं की वह सिख पुनर्वास कॉलोनियों में रह रहे आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को पूर्ण न्याय सुनिश्चित करें। यमुना विकास बोर्ड के अध्यक्ष सरदार अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि 1 नवम्बर 1984 को दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई थी।
जब राजसत्ता निष्क्रिय हो जाए, तो लोकतंत्र के लिए इससे बड़ा खतरा कोई नहीं हो सकता। उस दिन भारतीय लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार-तार किया गया और देश की एकता एवं अखंडता पर प्रहार हुआ। देश की आजादी और एकता को बनाए रखने में पंजाबियों एवं विशेष रूप से सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन उन्हीं सिखों को निशाना बनाया गया। यह हमला केवल सिख समाज पर नहीं, बल्कि पूरे देश पर था। आज कांग्रेस एक बार फिर देश की एकता और अखंडता पर प्रहार करने का प्रयास कर रही है, जिसे देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
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