Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Jul, 2026 01:48 PM

हिंदू धर्म में और ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या तिथि वैसे ही ऊर्जा और ग्रहों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस साल 14 जुलाई को आषाढ़ माह की अमावस्या मनाई जाएगी। आषाढ़ माह की अमावस्या बहुत खास रहने वाली है, क्योंकि इस बार देवगुरु बृहस्पति...
Ashadha Amavasya 2026 : हिंदू धर्म में और ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या तिथि वैसे ही ऊर्जा और ग्रहों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस साल 14 जुलाई को आषाढ़ माह की अमावस्या मनाई जाएगी। आषाढ़ माह की अमावस्या बहुत खास रहने वाली है, क्योंकि इस बार देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं। गुरु का यह गोचरीय बदलाव ब्रह्मांड में एक बड़ा फेरबदल ला रहा है, जिसका सीधा असर मानव जीवन और सभी राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, गुरु के अस्त होने से उनके शुभ प्रभावों में कुछ कमी आएगी, जिसके कारण 4 विशेष राशियों को थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है। तो आइए जानते हैं कि आषाढ़ अमावस्या पर ग्रहों के बड़ा फेरबदल से किन राशियों को सतर्क रहना होगा।
मेष राशि
गुरु का अस्त होना मेष राशि के जातकों के लिए थोड़ा मिलाजुला रहेगा। परिवार के किसी सदस्य की कहीं हुई कोई बात बुरी लग सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी काम को लेकर सहकर्मियों के साथ बहस हो सकती है। किसी को उधार या कर्ज देने से बचें, नहीं तो पैसा लंबे समय के लिए अटक सकता है। सेहत को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
कर्क राशि
गुरु का अस्त होना कर्क राशि के जातकों के जीवन में कई उतार-चढ़ाव लेकर आने वाला है। किसी नए व्यापार में पैसा निवेश करने से पहले किसी अनुभवी की सलाह जरूर लें। कोर्ट-कचहरी के मामेल में फैसला आपके हक में रहेगा। किसी तीसरे की बातों में आकर साथी आप पर शक कर सकते हैं।
तुला राशि
गुरु का अस्त होना तुला राशि के जातकों के लिए सामान्य रहने वाला है। नौकरीपेशा लोगों पर काम का बोझ अचानक बहुत बढ़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव होगा। सीनियर्स या बॉस के साथ बातचीत करते समय मर्यादा का ध्यान रखें। पेट और लिवर से जुड़ी दिक्कतों को हल्के में न लें।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर ठीक-ठाक रहने वाला है। किसी दोस्त की कोई बात बुरी लग सकती है। इस राशि के युवा बुरी संगति में पड़ सकते हैं। व्यापार कर रहे लोगों किसी पर भी आंख मूंद कर भरोसा न करें, नहीं तो पछताना पड़ सकता है। माता की सेहत को लेकर मन परोशान रहेगा।
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