Edited By Sarita Thapa,Updated: 20 Mar, 2026 08:21 AM

अयोध्या (प.स.): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को अयोध्या यात्रा के दौरान भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का उद्घाटन और मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराना हमारे इतिहास के स्वर्णिम...
अयोध्या (प.स.): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को अयोध्या यात्रा के दौरान भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का उद्घाटन और मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराना हमारे इतिहास के स्वर्णिम क्षण हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने राम मंदिर में विशेष धार्मिक समारोहों के तहत स्वर्ण जड़ित 150 किलोग्राम का श्री राम यंत्र स्थापित करने के बाद सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह परम पवित्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमारे इतिहास और संस्कृति की स्वर्णिम तिथियों का प्रतीक है। प्राण प्रतिष्ठा के मर्मस्पर्शी अवसर पर मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था और इसे हम सभी का सौभाग्य माना।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन की शुरूआत ‘जय श्री राम’ से की और अयोध्या को भगवान राम के लिए ‘स्वर्ग से भी अधिक प्रिय’ बताया। उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि रामचरितमानस में भी भगवान श्रीराम ने अवधपुरी को सबसे प्रिय बताया है। उन्होंने राम की विरासत के सांस्कृतिक और संवैधानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। युद्ध जीतने के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान श्री राम के अयोध्या आगमन का कलात्मक चित्र संविधान के मौलिक अधिकारों में शामिल है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह चित्र जनता को संवैधानिक आदर्शों और सांस्कृतिक प्रतीकों से जोड़ रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सभा को संबोधित किया।
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