Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Jun, 2026 03:35 PM

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और चोरी के मामले में योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है।
लखनऊ/अयोध्या (इंट.): अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और चोरी के मामले में योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने इस संबंध में 8 लोगों रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष, करुणेश और लवकुश मिश्रा के खिलाफ नामजद एफ.आई.आर.दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। शिकायत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की ओर से दर्ज करवाई गई है।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली रामजन्मभूमि में दर्ज एफ.आई.आर. में चोरी, धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। एस.आई.टी. की प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की राशि के प्रबंधन और गिनती से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले में मंदिर के कुछ सेवादारों और चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जिन लोगों के पास से रकम मिली है, उन सभी को एफ.आई.आर. में नामजद किया गया है। कहा जा रहा है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां होंगी। मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की गई सख्त
इस बीच मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए गए हैं और चढ़ावे की गिनती तथा रखरखाव की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है। एस.आई.टी. मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला पहली बार 7 जून को राजनीतिक बहस का विषय बना था। राम मंदिर जैसे देश की आस्था के केंद्र से जुड़े इस मामले ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। अब सभी की निगाहें एस.आई.टी. की अंतिम रिपोर्ट और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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