Edited By Niyati Bhandari,Updated: 02 Jul, 2026 01:36 PM

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में गायों और बछड़ों के वध पर पूरी तरह रोक लगाने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
नई दिल्ली (एजैंसी): तमिलनाडु सरकार ने राज्य में गायों और बछड़ों के वध पर पूरी तरह रोक लगाने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
तमिलनाडु सरकार ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के 27 मई के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि राज्य में 28 मई को बकरीद की पूर्व संध्या पर या किसी भी अन्य दिन किसी गाय या बछड़े का वध न किया जाए।
हाईकोर्ट का यह आदेश 1976 के उस आदेश पर आधारित था, जिसमें दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के हित में गौवध पर रोक लगाई गई थी।
राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि हाईकोर्ट का आदेश तमिलनाडु पशु संरक्षण अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के विपरीत है। अधिनियम के तहत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर 10 वर्ष से अधिक आयु की ऐसी गायों के वध की अनुमति है जो काम करने और प्रजनन के लिए अनुपयुक्त हों।